On this website, along with entertainment, you will get news of health, technology, and country and abroad. News posts are available in Hindi and English on our website.

Translate

Breaking

Saturday, November 12, 2022

papaya fruits बहुत लाभ दायक होगा। अगर कमजोरी को मिटाना है

  Papaya Fruits जो आपके अंदर ऊर्जा का संचार कर देगा और आप अपने आपको मजबूत महसूस करेंगे।




          बहुत से लोग कहते हैं कि मुझे पपीता अच्छा नहीं लगता है। कोई कहता है मुझे पपीता की महक अच्छी नहीं लगती है इसलिए पपीता नहीं खाता हूँ। पपीता आपकी सेहत के लिए कितना फायदा करता है ये बात भूल जाते हैं। जो लोग शराब पीते हैं उनको शराब पीते वक्त अच्छी नहीं लगती है फिर भी पीते हैं, शराब की महक भी अच्छी नहीं लगती है फिर भी पीने वाले टेढ़ा मुंह करके पी लेते हैं। शराब सेहत के लिए भी हानिकारक है फिर भी लोग पीते हैं। पपीता की महक अच्छी नहीं लगती है पपीता खाने में अच्छा नहीं लगता है लेकिन सेहत के लिए अच्छा होता है इसलिए खाते रहना चाहिए।

पपीता में मौजूद पोषक तत्व

फाइबर, विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन ए, प्रोटीन, मिनरल, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम।


पपीता खाने के फायदे तो पढ़ते जाइये।

  • किसी को उल्टी और दस्त आ रहे हैं कोई भी भोजन अच्छा नहीं लग रहा है ऐसे वक्त में आप पका हुआ papaya fruits खाएं आपको तत्काल आराम महसूस होगा।
  • आप अगर अपने भारी बजन से परेशान हैं तो आप डाइटिंग वाला आहार के रूप में पपीते का सेवन कर सकते हैं। आपको पपीता खाने से बहुत ही अच्छे परिणाम मिलेंगे।
  • गर्मी और बरसात के मौसम में बहुत से लोगों को तलवों और शरीर में जलन सी होती है। आप अगर इस समस्या से छुटकारा चाहते हैं तो पपीता का सेवन सुरु करें बेहद लाभ मिलेगा।
  • आप अगर कोई ऐसा काम करते हैं जिसमें आपको अपनी नजरें टिकानी पडती हैं। एक ही जगह पर किसी बारीक जगह पर नजरें टिकाने से आपकी आँखे कमजोर होने लगती हैं। आप अगर अपनी आँखों को मजबूत रखना चाहते हैं तो पपीते का सेवन सुरु करें आपकी आँखों की रोशनी में बहुत लाभ मिलेगा।
  • बहुत मित्र जिनको सिर्फ एक ही परेशानी है कितना भी अच्छा या खराब भोजन कर लें लेकिन उनका सब बेकार ही जाता है क्योंकि हजम ही नहीं होता है। आप अगर अपना पाचन तंत्र ठीक रखना चाहते हैं तो पपीते का सेवन मौका लगते ही करते रहें बहुत लाभ मिलेगा।
  • पपीता सबसे अधिक फायदा महिलाओं को करता है। अगर किसी महिला का मासिक धर्म समय पर नहीं आता है। मासिक धर्म के दौरान बहुत दर्द होता है। अगर किसी महिला को इस तरह की समस्या है तो वह पपीता का सेवन करें अवश्य लाभ मिलेगा।

        लोग पपीता का आचार भी खाते हैं जो कच्चे पपीते से बनाया जाता है। पपीता का आचार भी बेहद फायदा देता है लेकिन सर्त एक ही है आचार कोई भी हो उसमें सिरके की मात्रा कम हो। पपीता के आचार में सिरका की वजह से खट्टपन बहुत अधिक आ जाता है।

         पपीता के पत्ते का रस तो आपको पता ही है कितना फायदा देता है। जब किसी के शरीर में प्लेट कम हो जाती हैं तब पपीता के पत्ते और बकरी का दूध बहुत काम आता है। जब बीमारी फैलती है तो बकरी का दूध 2500 रुपये लीटर तक सुना है अब बो अफवाहे थीं या सच ये तो हम नहीं बता सकते हैं।

पपीता को लोग कई तरह से प्रयोग करते हैं। 

     पपीता के लिए आपने पैसा दिए हैं तो वह पपीता आपका हुआ। फिर आप उसके साथ अपनी मन मर्जी कर सकते हैं। कोई काटकर नमक के साथ खाता है, कोई दूध के साथ जूस बनाकर पिता है आपका अपना तरीका हो सकता है। पके हुए पपीते के अपने प्रयोग हैं कच्चे पपीते के अपने।

      कच्चे पपीते के साथ भी आप अपनी मनमानी कर सकते हैं। घर में कच्चे पपीते का आचार आपने भी खाया होगा जो स्वाद में बेहद खास होता है। अन्य आचार की तरह से दादी माँ बड़ी आसानी से पपीते का आचार बना लेती हैं।


पपीता की खेती कैसे होती है?

भाई आपने यह तो पढ़ लिया पपीता खाने से कितने बड़े बड़े फायदे होते हैं तो यह भी जानना जरुरी है इतने बड़े बड़े पपीते आते कैसे हैं।

       पपीता का बीज बहुत महंगा होता है। पपीता के बीज का रेट लाखों रुपये प्रति किलो के हिसाब से होता है। आप सोच रहे होंगे कि पपीता का बीज खेती के लिए इतना महंगा क्यों है? हमारे यहाँ तो ठेली वाला पपीता का बीज सड़कों पर फेंक देता है। पपीता के बीज के महंगे होने की सबसे बड़ी बजह है नर मादा पौधे की पहचान। आप सड़कों से उठाकर पपीता का बीज लगा दें हो सकता है उसमें से आधे से ज्यादा पौधे नर हो जिससे किसान का बहुत बड़ा नुकसान होता है।

       पपीता का बीज सुनने में इतना महंगा जरूर लगता है लेकिन पेड़ की दुराई के हिसाब से 1 एकड़ में उतने ही रुपये की लागत का बीज पड़ता है जितनी लागत का आप गेंहूँ का बीज लाते हैं। हो सकता है थोड़ा बहुत ज्यादा हो लेकिन महंगा नहीं होता है।

      पपीता के पेड़ कमसे कम लगभग 5 फुट की दुराई के आसपास खेतों में लगाए जाते हैं। पपीता के पेड़ सिर्फ ऊंचाई तक चलता है चौड़ाई अधिक लेता नहीं है 5 फुट की दुराई ठीक रहती है। पेड़ पर पपीता लगने की कोई सीजन नहीं होती है जिस दिन से लगने सुरु होते हैं जबतक पेड़ में जान रहती है तबतक लगते हैं। पपीता के पेड़ जिस दिन अंतिम सांस लेता है उस दिन तक फल देता है।

      पपीता के बीज डाल कर थोड़ी सी जगह में पौधे तैयार किये जाते हैं उसके बाद पौधे लगाए जाते हैं। पपीता से किसान अच्छी बचत करते हैं। अगर पपीता की पैदावार बम्फर होती है तो किसान को अच्छा मुनाफा इसलिए भी हो जाता है कि एक पपीता का बजन 3 किलो से भी अधिक हो जाता है। अगर 20 रुपये किलो के आसपास भी बिक जाता है तो एक फल ही लगभग 50 रुपये की आमदनी करा देता है। पपीता के एक पेड़ में एक हफ्ते में लगभग 3 फल और उससे अधिक भी निकल सकते हैं।

      अगर papaya fruits को पेड़ पर ही पूरी तरह से पकाने के लिए छोड़ दिया जाए तो पेड़ पर बजन बहुत अधिक हो जाता है। पपीता का पेड़ अधिक मजबूत नहीं होता है इसलिए पेड़ पर अधिक बजन न हो जाये पपीते पहले ही तोड़ लिये जाते हैं।

     पपीता का पेड़ बरसात के मौसम में लगाना ठीक रहता है जिससे पेड़ की जडे नमी की बजह से जल्दी मजबूत हो जाती हैं। पपीता के पेड़ की देखरेख अगर ठीक से हो जाती है तो लगभग 15 महीने में फल आने सुरु हो जाते हैं।

papaya fruits 10k


No comments:

Post a Comment

Total Pageviews

पेज