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Monday, July 11, 2022

Digital India के नाम पर देश में लूट मची है RBI की गाइडलाइन किसी गन्दी नाली में पड़ी हैं।

       RBI की गाइडलाइन सिर्फ जनता को तसल्ली देने के लिए है। आज जानेंगे कैसे लाखों रूपये का घोटाला AEPS service के द्वारा हुआ?    

 AEPS SERVICE नाम सुनकर अच्छा लगता है लेकिन क्या आप जानते हैं कई कम्पनी लोगों को लूट ले गयीं आज उन्ही के बारे में जानते हैं।


Digital India क्या है? 

  ये आप भी सोचते हैं। डिजिटल इंडिया का आपके हिसाब से जो भी उत्तर हो लेकिन चोर लोगों ने डिजिटल इंडिया का क्या मतलब निकाला है आज उसके बारे में बात करते हैं। Digital India   AEPS service की शुरुआत की। AEPS service को NPCI ने लॉन्च किया जो बेहद अच्छी थी और है।



AEPS service क्या होती है?

  • AEPS service आधार कार्ड नम्बर से आप अपनी उस बैंक में जमा  money withdraw कर सकते हैं जिसमें आपने अपना आधार DBT के लिए लिंक किया हुआ है। 

  • AEPS service का लाभ लेने के लिए आपको आधार नम्बर की जरुरत होती है। और साथ में जिस व्यक्ति का आधार नम्बर है उसके फिंगर कैप्चर के लिए वह व्यक्ति भी जरुरी है। तभी आप पैसे निकाल सकते हो।

  • AEPS service अच्छी है जो भारत के हर गांव तक NPCI द्वारा या अन्य कम्पनी के द्वारा पहुंचाई गयी। लेकिन AEPS service के माध्यम से लाखों लोगों को करोड़ों रूपये का चूना एक कम्पनी ने लगाया उसी के बारे में बात करते हैं।

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Digita India Payments LTD  एक ठगी करने वाली कम्पनी

        यह पोस्ट आपके लिए बोरिंग हो सकती है तो आप सायद न पढ़ें फिर भी अगर पढ़ते हैं तो आप कुछ न कुछ सच जानना ही चाहते हैं। के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप इस लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं। इस पोस्ट में सिर्फ Scam के बारे में जानकारी दे रहे हैं।


      दोस्तो आपको बता दें Digita India Payments LTD एक कम्पनी 2017 के लगभग आयी थी। कम्पनी का काम था आधार कार्ड से  money withdraw करना। कम्पनी ने अपने एजेंट बनाये जिनको रिटेलर id दी डिस्ट्रीब्यूटर भी बनाये रिटेलर का काम था अपनी दुकान पर बैठ कर लोगों के पैसे निकालना। हम आप अपनी बैंक में जमा राशि को बैंक में निकालने जाते हैं या एटीएम के पास साथ में जब आधार कार्ड से भी पैसे निकालने की सुविधा सुरु हुयी तो लोगों को बहुत अच्छा लगने लगा। अपने घर के आसपास ही पैसे निकलने लगे बैंक या एटीएम के पास लाइन लगाने का झंझट खतम।


         Digita India Payments LTD ने सुपर डिस्ट्रीब्यूटर बनाये जिनका काम था डिस्ट्रीब्यूटर बनाना और डिस्ट्रीब्यूटर का काम था रिटेलर बनाना। रिटेलर अपने सेंटर पर बैठ कर लोगों के Money Withdraw करता था जिसका कमीशन रिटेलर डिस्ट्रीब्यूटर सुपर डिस्ट्रीब्यूटर सभी को जाता था। कुछ दिन तक सब ठीक ठाक चलता रहा बाद में ट्रेजेक्शन फसने सुरु हो गए। कुछ दिन तक पैसा भी समय पर लौटता रहा उसके बाद कम्पनी ने फसे हुए ट्रांजाक्शन का पैसा नहीं लौटाया।

Digital India Payments LTD के काम क्या थे?

डिजिटल इंडिया पेमेंट्स लिमिटेड ने जो भी सर्विस सुरु की थीं बो कुछ इस प्रकार हैं।

  • AEPS- आधार कार्ड से बैंक में जमा  money withdraw.
  • DMT- किसी अन्य को पैसे भेजना।
  • BBPS- बिल जमा करना।
  • Recharge - मोबाइल पर रिचार्ज करना।
  • जिओ मोबाइल बुकिंग।
  • पैन कार्ड।
  • डेबिट कार्ड चालू करना।
  • Atm स्वेप मशीन।


 और भी कुछ सर्विस हो सकती हैं फिलहाल Digita India Payments LTD का फोकस इन्ही पर था। Dmt प्रोग्राम में भी लोगों के पैसे फस गए लेकिन वह कुछ दिन में बापस हो गए। रिचार्ज का पैसा फसा कुछ मारा गया कुछ बापस हुआ। पैन कार्ड की id भी बंद हो गयीं। और जो atm स्वेप मशीन थीं कम्पनी ने रिटेलर को बेच कर कम्पनी ही बंद कर दी लोगों का हजारों रुपये इसी में बर्बाद हो गया।


          कम्पनी ने अपना नाम बदल दिया लोगो बदलकर आर बी एल बैंक से अपना काम हटाकर यस बैंक से जोड़ लिया। कुछ दिन बाद वहां से भी हटकर अपना काम बदला। कुछ समय बाद जिन रिटेलर के पैसे कम्पनी के पास फसे थे, किसी रिटेलर के 2000 तो किसी डिस्ट्रीब्यूटर के 1 लाख रुपये से अधिक फसे हुए थे जिसकी वजह से लोगों ने डिजिटल इंडिया पेमेंट्स की एजेंट id से काम करना बंद कर दिया। बंद करने के बाद Digita India Payments LTD कम्पनी के खिलाफ कोई एक्शन न हो इसलिए काम न करने का बहाना ढूंढ़कर सभी रिटेलर डिस्ट्रीब्यूटर और सुपर डिस्ट्रीब्यूटर की id बंद कर दीं गयीं।


    Digita India Payments LTD द्वारा सभी रिटेलर डिस्ट्रीब्यूटर को मोबाइल पर sms के माध्यम से नोटिस भेजा गया कि आपने पिछले 180 दिनों से अपनी एजेंट id को न तो लॉगिन किया है न ही कोई ट्रांजेक्शन किया इसलिए आपकी id बंद की जा रही है। कम्पनी ने इस बात को दबा दिया कि लोगों के लाखों रुपये के ट्रांजेक्शन फसे हैं वह पैसा तो बापस किया जाए पर नहीं किया।

      Digital india payments ltd के सभी रिटेलर अपनी शिकायत कम्पनी के टोल फ्री नंबरों पर करते रहे लेकिन कुछ नहीं। कुछ दिन में कम्पनी ने अपने नम्बर ही बंद कर दिए। कम्पनी की कई ईमेल id भी थी जिन पर रिटेलर ने अपने फसे हुए txn की डिटेल भेजी फिर भी कुछ नहीं हुआ। अंत में सभी ईमेल से उत्तर आने ही बंद हो गए।


             "अब सवाल यह है कि रिटेलर के पैसे की बेईमानी RBL bank ने की है या digital india payments ltd ने की है या फिर NPCI ने खुद बेईमानी की है। किसी के पास कोई सटीक उत्तर नहीं है मेरे पास भी नहीं।"


     कुछ एजेंट हैं जिनके नाम हैं 

  • अमित कुमार - Mo 8057352788, 
  • सचिन कुमार - Mo. 9897565177
  • फरमान खान - Mo.9258642114  
  • सुशील कुमार - Mo.9897825632
  • दिव्यलोक - Mo. 8533831373
  • अन्य बहुत से रिटेलर हैं।

कुछ एजेंट के नाम और फसे हुए txn डिटेल यहाँ है।


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    भारत की कानून व्यवस्था पर कुछ सवाल हैं जिन्हे आप भी समझ सकते हैं।


  • NPCI ने AEPS service का काम सुरु किया ये अच्छा है लेकिन कई कम्पनी ने डिजिटल इंडिया के नाम पर लोगों को लूटा NPCI घंटा कुछ नहीं जान पायी।


  • RBL बैंक में घोटालों के कई विवाद पहले से ही हैं और NPCI ने RBL बैंक को AEPS service का काम करने की इजाजत दे दी। RBL बैंक ने digital india payments LTD को इजाजत दे दी की आप मेरा लोगो लगाकर AEPS service का काम करो। लोगों के पैसे निकाल लिए गए अब उन पैसों का पता ही नहीं है कि RBL ने हजम किये या digital india payments LTD ने। आज तक किसी का कोई पैसा बापस नहीं।


  • रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया लोगों के पैसे की सुरक्षा बैंक service देने वाली संस्था से करती है। लेकिन digital india payments ltd और RBL बैंक करोड़ों रूपये हजम कर गए ये रिजर्व बैंक की कैसी सुरक्षा है?


  • डेबिट कार्ड, भीम यूपीआई और AEPS service का कोई भी txn फस जाता है तो उस पैसे की जिम्मेदारी NPCI की है कि ग्राहक का पैसा कैसे बापस होना है। लेकिन RBL Bank और digital india payments ltd के पास कई हजार txn ऐसे हैं जिनका पैसा आज तक ग्राहक के खाते में बापस नहीं आया है। NPCI डिपार्टमेंट क्या झक मरवा रहा है किसी को कुछ पता ही नहीं है।

"Money Withdraw के लिए बैंक जाना होता था और लम्बी लाइन लगानी होती थी। साथ में विस्ट्स फॉर्म भरना होता था। लेकिन AEPS service ने इन सबसे राहत दी है। राहत तो दी है लेकिन सबसे असुरक्षित AEPS service ही है।"



AEPS service को असुरक्षित होने की कुछ बजह इस प्रकार हैं।

  • पहली बजह तो यही है जिसके बारे में इस पोस्ट में लिखा। AEPS service के द्वारा Money Withdraw के समय जो भी txn फसे थे बो आज तक बापस नहीं हुए हैं। इसकी जिम्मेदारी किसको दी जाये।


  • AEPS service में कोई भी व्यक्ति किसी अन्य काम के बहाने से आपके खाते सेMoney Withdraw कर सकता है जिसके बारे में आपको भनक भी नहीं लगेगी।


  • AEPS service प्रदान करने वाली कम्पनी एजेंट id बिना किसी मजबूत गाइडलाइन के प्रदान करा देती हैं या आप ऑनलाइन भी ले सकते हैं।


  • AEPS service प्रदान करने वाली कम्पनी का कोई भी डाटा ग्राहक के बैंक स्टेटमेंट में नहीं दिखाई देता है जिससे ग्राहक के साथ धोखाधड़ी करने वाले को पकड़ा जा सके।


  • AEPS service देने वाली कम्पनी फसे हुए txn को कई साल में भी बापस न करें तो भी NPCI किसी प्रकार का दबाव AEPS service देने वाली कम्पनी से नहीं लेती है। अगर लिया होता तो 2018 से कई ग्राहकों का पैसा digital india payments ltd ने हजम कर लिया है कैसे मिलेगा?



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