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Sunday, July 3, 2022

Dhongi baba का आशीर्वाद आपको मानसिक गुलाम न बना दे इस बात से सावधान हैं आप।

     आप अमीर बनने की लालच में इतने अंधे न हो जाना कोई dhongi baba आपकी जान और पैसा सब लेकर चला जाये।

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          एक पाखंडी बाबा या मौलवी को आप कैसे पहचानेंगे। क्या आप जानते हैं कि किसी धर्म की आढ़ लेकर जो धर्मगुरु बने घूम रहे हैं उनमें से कितने पाखंडी और ढोंगी हैं। यह बात हम भी नहीं जानते हैं। लेकिन कुछ तथ्य आपके पास भी होंगे कुछ हमारे पास हैं जिससे मिलकर एक ek dhongi guru को पहचाहनने में मदद मिलेगी। Dhogi baba को कैसे पहचानेंगे आपके पास कोई परफेक्ट सा उत्तर नहीं है। हम भी नहीं दे सकते हैं।

          Dhongi Baba आपके सामने दिखावा ज्यादा करता है। किसी को भी गुमराह करने के लिए सबसे पहले तो उसके अंदर प्रेत आदि का इतना डर भर देगा कि आप उसके घुटनों में अपने आप गिर जायेंगे। क्योंकि आपको यह भी पता है कि मेरे अंदर जो डर है उसका हल भी वहीं है जिससे मेरे अंदर का डर निकल सके।

           आप किस अंध्विश्वास के डर में फस गए? किसी ऐसी अदृश्य शक्ति जिसे आपने कभी देखा ही नहीं। और एक बात मेरी समझ में क्यों नहीं आयी और कभी आएगी भी नहीं। एक अदृश्य शक्ति का डर मुझे क्यों है मैंने उसका क्या बिगाड़ा है। और जो मुझे न डरने के उपाय बता रहा है वह क्यों नहीं डरता है?

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हमने सबसे अधिक भारतीय रेल में देखा है जो यात्री रेल होती है उसके हर डब्बे में कमसे कम आपको 50 जगह पर एक विज्ञापन मिल जायेगा जिसमें लिखा होता है!

  • अपने दुश्मन को एक घंटे में तड़पता देखें।
  • अपने खोये हुए प्यार को बापस पाएं या अपने प्यार को वस में कैसे करें।
  • ताबीज बनवाएं जिससे आप रातोंरात अमीर हो जायेंगे।


 बहुत सी बातें लिखी होती हैं क्या क्या बताऊँ।उस विज्ञापन को देखकर आपको कुछ सच लगता हैं कि यह सब हो जायेगा? सायद नहीं!


     लेकिन यह बात तो सत्य हैं कि उस विज्ञापन पर यकीन करने वाले लोग हैं उन्ही की वजह से इतनी जोर सोर से विज्ञापन किये जा रहे हैं।और मुझे तो लगता हैं कि भारतीय रेल प्रशासन खुद पाखंड को बढ़ावा दे रहा है।

Pakhandi baba की पहचान क्या है?

  • सायद ये कि रात को 12 बजे अकेले में बहू बेटियों को आशीर्वाद देना।
  • पाखंडी की पहचान इस तरह कर सकते हैं कि वह दान में आपसे चढ़ावा मांग रहा है जिससे आप आने वाले कल में अमीर हो जाओगे।
  • नहीं सायद पाखंडी की पहचान आप ऐसे कर सकते हैं वह आपके लिए रात को पूजा पाठ करता है जिससे आपका बुरी सक्तियों से पीछा छूट जाये।
  • यार dhongi baba की पहचान आप इस तरह कर लोगे अगर वह आपके सिर में क़ब्र का जमजम छिड़क देगा तो आपके शरीर की बीमारी ख़तम हो जाएगी।
  • नहीं आप pakhandi को इस तरह पहचान लेंगे अगर वह आपके हाथ में एक धागा बांध देगा और कहेगा जाओ अब कोई भी आपका कुछ नहीं बिगाड़ पायेगा। जब बाद में आप किसी कारण जख़्मी हो जाते हैं तब कहते हैं यार ये तो नकली है।


      मुझे लगता है आप dhongi baba की पहचान करने में बहुत माहिर हैं। आप अपने आपको काफी होसियार समझते हैं और असली बाबा के आशीर्वाद को लेना चाहते हैं तो आप कभी dhongi baba के चक्कर में फसेंगे ही नहीं। और आपकी होसियारी का परिणाम यह हुआ जिसे आप असली समझते थे वो भी आपको बेवकूफ बना गया।    

      कोई खास पहचान है आपके पास जिससे आप pakhandi baba को पहचान सकें! नहीं है! आपको pakhandi की पहचान तब हो पाती है जब आपका शोषण हो चुका होता है। पहले से कोई कितना भी होसियार क्यों न हो किसी न किसी andhbhakti में फस ही जाता है।

    सच तो यह है कि आप किसी छोटे मोटे dhongi की पहचान कर भी लेंगे। आप किसी बड़े dhongi baba की पहचान कर ही नहीं पाओगे। आप कर भी सकते हो लेकिन लाखों की भीड़ andhbhakti की दीवानी है आप उसमें अकेले किसको समझाओगे जिसे भी समझाने की कोसिस करोगे वह आपको बेवकूफ समझेगा।


     देश का मिडिया  छोटे यूट्यूब चैनल से लेकर बड़े टीवी का न्यूज़ चैनल भी dhongi baba की प्रशंसा में जुटा हुआ है। आप उस भीड़ में क्या कर पाओगे। आप सोशल मीडिया से अपनी आवाज उठाने की कोसिस करोगे तो लाखों अन्धभक्त और खरीदे हुए न्यूज़ चैनल आप पर हावी हो जायेंगे।

      Dhongi बाबाओं के पास इतना पैसा और पॉलिटिक्स पावर होता है कि जिसे जैसा नचाना है वह वैसा ही नाचता है। आप अकेले क्या कर सकते हैं। फिर अंत में उसी dhongi baba के बारे में कुछ सच्चे अधिकारी एक्सन लेते हैं तब लोगों andhbhakti उतरकर एक तरफ हो जाती है।

एक सवाल कभी कभार आपके दिमाग़ में भी आता है या मेरा दिमाग़ ही पागल है जो मेरे पास तक ही आता है। अगर ईश्वर दायलू है और उसकी नजरों में सभी समान हैं तो मेरे पुकारने से हम पर दया क्यों नहीं करता है। सभी धर्मों में कुछ लोगों के कहने पर ही हम पर दया क्यों करता है?


किसी की andhbhakti कैसे लग जाती है।

  • आप किसी की andhbhakti के दीवाने ऐसे ही नहीं हो जाते हैं। शुरुआत में आपके और dhongi के बीच में कुछ ऐसा होता है। जो आपको एकदम सच लगता है।
  • जब आपका पहला मिलन सच सा हो जाता है फिर बाद में सच और झूंठ दोनों एकसाथ चलता है। आप पहचान नहीं पाते हैं कि क्या सच है क्या झूंठ है।
  • आप अगर dhongi baba के विरुद्ध जाने की कोसिस कर रहे हैं तो वह ढोंगी आपको स्पेशल भक्त का दर्जा दे देगा जिससे आप जल्दी समझ नहीं पाओगे कि अब में क्या बोलूं।
  • आपको बहुत बड़े लालच में फसा दिया जायेगा जिससे आप कुछ कर भी नहीं पाओगे क्योंकि आप पर दबाव है।
  • आप अगर लालची हैं हमेशा सोचते हैं कहीं पड़ी हुयी दौलत मिल जाये। तो भी आप पाखंडियो के चक्कर में पड़ जाओगे।
  • आप अगर सोचते हैं किसी किले या जंगल में या मेरे खुद के घर में किसी जगह पर दौलत गड़ी हुयी है जिसे कोई तांत्रिक ही पता कर सकता है और निकाल सकता है तब भी आप ढोंगी बाबा के चक्कर में पड़ जाओगे।
  • आप अपनी असफलता को भूत प्रेत के चक्कर की तरह से सोच रहे हैं तब भी आप dhongi baba के चक्कर में पड़ जाओगे। क्योंकि आपने अपनी असफलता को अपने कर्मों के अनुसार नहीं देखा है।

         आप किसी के कदमों में कब गिरते हैं? 

     किसी व्यक्ति में कोई शक्ति नहीं होती है जब लोग उसके कदमों में झुकने लगते हैं तो उसकी अलग ही पहचान हो जाती है। जो उस व्यक्ति के पैर नहीं भी छूना चाहता है एक सवाल उसके दिमाग़ में भी होता है आखिर इसमें ऐसा क्या है जो लोग घुटनो के बल हैं। यह भी इंसान ही है भगवान तो नहीं।

  • जब आपको किसी का डर हो और लगता है कि यह हमें बचा लेंगे।
  • या फिर आपके ऊपर कई अहसान होते हैं जिसकी बजह से आप किसी के कदमों में आत्मसम्मान की बजह से झुक जाते हैं।
  • आप जिसके कदमों में झुक रहे हैं उससे आपका बहुत बड़ा लालच जुडा हुआ है।
  • या फिर आपको किसी के कदमों में जबरजस्ती धकेला जाता है आपको डराया धमकाया जाता है।

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       मुख्य बात पर चर्चा करते हैं। आप किसी के कदमों में जाकर तब गिरते हैं जब आपको किसी अन्य का डर हो और आपको यह लगता हो कि अगर हम इस व्यक्ति को अपना समर्पण करते हैं तो यह हमें बचा लेगा।


      ठीक यही बात dhongi baba पर लागू होती हैं। आपके अंदर प्रेत, शनि, राहु, केतु, अल्लाह, आदि जिस धर्म के जो भी शैतान हैं उनका डर आपके अंदर पहले से है या अभी भर दिया गया है। आपके अंदर इतना ख़ौफ़ भरा है कि अगर तुम दिवार पर पत्थर मरोगे तो शैतान मर जायेगा और आप बच जाओगे।

        आपके अंदर इतना डर भरा हुआ है कि अगर में dhongi baba के दरवार में जाकर अपनी दौलत चढ़ा दूंगा तो राहु केतु के चक्कर से बच जाऊंगा। आपके अंदर pakhandi bababo ने इतना डर भर दिया है कि अगर आपको रास्ता चलते अनजान में कोई कांटा चुभ जाये तो आपके दिमाग़ में यही आता है कि यह कांटा किसी प्रेत ने चुभाया है।

        यह भूत प्रेत का डर आपके दिमाग़ में एकदम नहीं डाला गया है। कहानियों में बताया गया, फिल्मों में बताया गया, टीवी सीरयल में बताया गया, न्यूज़ चैनल ने भूत के वीडियो भी शूट कर लिए, जब आपके चारो तरफ से सिर्फ भूत प्रेत शैतान आदि का डर भर दिया गया तो आपको भी लगने लगा यार यही सच है।


        जब आप सब सच मानने लगे तो वहीं से dhongi baba का धंधा सुरु हुआ। आप अपने दोष हटवाने के लिए मंदिर मस्जिद गुरूद्वारे आदि में किसी moulana से मिलने लगे, किसी baba से मिलने लगे और यह नहीं पहचान पाए कि यह कोई संत ही है या संत के भेस में pakhandi baba है।

         कई साधु-संतों से में भी मिला हूँ जो न अपने लिए हमसे मांगते और मेरे लिए ईश्वर से कुछ नहीं मांगते। उनको देखकर तो ऐसा लगा कि ये साधु अज्ञानी हैं इसीलिए इनको कोई नहीं पूंछता है। लेकिन सच्चाई यह है कि साधु अज्ञानी ही सही लेकिन योगी थे जो धन-दौलत कि खानखनाहट और एसओआराम की जिंदगी से कोई मतलब ही नहीं। रुखा सूखा मिला वही खाया पिया और मस्त।


यह पोस्ट यह साबित करने के लिए नहीं हैं कि कोई भी अदृश्य शक्ति नहीं हैं। कुछ न कुछ भगवान जैसा जरूर हैं जिसे हम भी महसूस करते हैं लेकिन pakhandi लोगों ने जो आपके डर से आपको बेवकूफ बनाया हैं उनके प्रति यह पोस्ट है।


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