00324fc9d7109e097332c96a541277f12be11469 Vidhyut sakhi तो बना दीं लेकिन रोजगार के नाम पर सखियों को गांव गांव घुमाकर समस्या का हल तो नहीं मिला और नयी समस्या उत्पन्न होने लगीं - GOVERNMENT SCHEME SCAM

जिन छोटे मोटे भ्रष्टाचार पर सरकार ध्यान नहीं दें पाती है उन्हें अब हम बताएँगे।

Breaking

मंगलवार, 26 अप्रैल 2022

Vidhyut sakhi तो बना दीं लेकिन रोजगार के नाम पर सखियों को गांव गांव घुमाकर समस्या का हल तो नहीं मिला और नयी समस्या उत्पन्न होने लगीं

  स्वयं सहायता समूह में शामिल महिलाओं को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत विद्युत सखी बनाकर रोजगार के नये अवसर प्रदान किये।

विद्युत् सखी की सबसे बड़ी परेशानी


   एक विद्युत् सखी जब ट्रेनिंग के बाद फील्ड में बिजली बिल जमा करने के लिए उतरती है तो कई गंभीर समस्यायों का शिकार हो जाती है।

Kisan Credit Card कैसे बनेगा? सीधी सी बात बिना दलाली नहीं बनेगा! Click To Read

       ठीक ऐसी ही एक विद्युत् सखी सरिता देवी (सखी id R144200992V1) के साथ हुई। सरिता देवी जब गांव में बिल जमा करने पहुंची तो एक उपभोक्ता का 15259 रूपये बिजली बिल बकाया था। बिल जमा करते वक्त उपभोक्ता ने कहा मेरासिर्फ़ 100 रूपये जमा कर दो बाकी का बाद में करेंगे। विद्युत् सखी के सामने ट्रेनिंग के दौरान यह पॉइंट समझाया नहीं गया होगा कि अगर किसी का 15259 बकाया है तो वह जितना चाहे उतना जमा कर सकता है। अगर समझाया गया था तो विद्युत् सखी को फील्ड में नया होने के कारण याद नहीं रह।

विद्युत् सखी भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के सम्बन्ध में एक पोस्ट है आप उसे पढ़ना चाहेंगे तो यहाँ क्लिक करें। >>>>

        बिल जमा करते वक्त सरिता देवी ने अपने मोबाइल एप्लीकेशन के रिमार्क वाले कॉलम में 100 भरके प्रोसेस आगे बढ़ा दिया। विद्युत सखी को लगा कि हम सिर्फ 100 जमा कर रहे हैं। लेकिन मोबाइल की स्क्रीन को ध्यान से नहीं पढ़ा और उपभोक्ता का पूरा 15259 जमा हो गया.। विद्युत् सखी को बाद में होस आया अरे ये तो गड़बड़ हो गयी। अब बिजली उपभोक्ता सरिता देवी को पेमेंट देना नहीं चाहता है। अगर सरिता देवी रिपोर्ट करें कि इसने पेमेंट नहीं किया, उपभोक्ता कहे कि हमने दे दिया है तो हो सकता है दो चार वर्ष कोर्ट में इसी चक्कर में चले जाएँ। और अगर कोर्ट के चक्कर नहीं भी लगाए गए हो सकता गांव की पंचायत फैसला यही कर दे की दोनों लोग आधा आधा भुगतो। 

PM आवास योजना घोटाला में रिश्वत अधिकारी खा गए और रिकवर गरीब से किया जा रहा है। Click to Read

     अगर उपभोक्ता पेमेंट दे भी रहा है लेकिन अभी नहीं दे रहा है। उपभोक्ता 1 माह बाद देगा 4 माह बाद देगा 10 माह बाद देगा। विद्युत् सखी की कमाई की ऐसी तैसी हो जाएगी। ऐसा कोई ऑप्शन इसलिए नहीं कि उपभोक्ता का जमा बिल बापस किया जाये। अगर बापसी का ऑप्शन हो गया तो विद्युत् सखी या अन्य जनसेवा केंद्र संचालक और आदि दिन में उपभोक्ता का बिल जमा करेंगे और रात को बापसी करवा लेंगे फिर और गंभीर समस्या हो जाएगी। लेकिन कुछ गाइड लाइन के साथ उपभोक्ता के बिल बापसी का ऑप्शन होना चाहिए कभी कभार गलत खाते आदि में बिल जमा हो जाये।

    समस्त विद्युत् सखी और उपभोक्ता इस बात का खयाल रखें अगर किसी का 100 रूपये बिल बकाया है तो उसका पूरा ही जमा होता है ऐसा नहीं है कि आधा आज कर दिया आधा कल कर देंगे। किसी किसी उपभोक्ता को यह छूट दी जाती है वो भी अगर वह हर माह समय पर बिल जमा कर रहा है और वर्षों से समय पर ही करता आ रहा है। उस उपभोक्ता को भी 30% के आसपास छूट दी जाती है। अगर उसका 100 रूपये बकाया है तो कमसे कम 70 रूपये तो जमा करना ही होगा। दूसरी बात उपभोक्ता के हिसाब से छूट नहीं होती है। कि जितना चाहे उतना जमा कर दे। समस्त विद्युत् सखी को पूरा ही जमा करना है अगर किसी को 100 बकाया है तो 100 ही जमा करो। 


        सरिता देवी के साथ जो हुआ वह गंभीरता वाला विषय आपको नहीं भी लग सकता है पर वह गंभीर विषय है। यह गंभीरता इसलिए है कि एक महिला अपने आपको सशक्त बनाना ही नहीं चाहती है। एंड्राइड मोबाइल है उसका हर माह रिचार्ज हो रहा है लेकिन वह रिचार्ज सिर्फ टीवी सीरियल, फेसबुक रील्स, या अन्य सोसल मिडिया साइट के माध्यम से बर्वाद जा रहा है। अगर किसी महिला के सामने कह दो कि आप कुछ सीखो मोबाइल से तो उसका एक ही जबाब रहता है ' मुझे क्या करना है सीखकर " यह सुनकर लगता है कि हम किस तरह एक महिला को मोटीवेट करें ताकि उसका मन शिक्षा की तरफ अपने आप मुड़ जाये।


          आप अगर एक विद्युत् सखी हैं और यह पोस्ट पढ़ रही हैं। आप विद्युत् सखी नहीं भी हैं और यह पोस्ट पढ़ रही हैं तो आपके लिए भी है। किसी कारण वस आपके स्कूल से आपको शिक्षा नहीं मिल पायी। जो समय छूट गया है उसे जाने दो। आपके हाँथ में जो मोबाइल है उससे आप मनचाही शिक्षा ले सकती हो। वो एक ऐड आता है टीवी पर ' गूगल से पूंछो पूंछने से सब होगा " इस ऐड को मज़ाक में न लें आप जो सीखना चाहती हैं वह मिलेगा। धन्यवाद करता हूँ गूगल का जो हर व्यक्ति को शिक्षित होने का मौका दे रहा है आप भी स्कूल में नहीं पढ़ सकी तो घर से सीखिए।


        अगर आप लगातर 2 घंटे भी अपने मोबाइल से शिक्षा ले रही हैं तो एक गंभीर समस्या के शिकार होने से बच सकती हैं। क्योंकि जितना अधिक सिखोगी उतना ही सुलझा हुआ महसूस करोगी। क्योंकि आजकल की माताओं बहिनों की सबसे बड़ी समस्या तो यही है कि बो महिला उसको राखे है वह उसको राखे है। अपने पति से समस्या है कि उस महिला से क्यों बात की, बो तुम्हारी कौन है? आदि बहुत से सवाल। अपने आपको सशक्त करने के लिए इन सब विषयों से दूर होना पड़ेगा। नहीं तो जो आपके दिमाग़ पर टीवी सीरियल ने घर बना लिया है वह रोज कहीं न कहीं आपको समस्या और पंगों में फसकर रखेगा।

---------------------------------------------------------------------

       स्वयं सहायता समूह ने महिलाओं को बहुत से रोजगार के अवसर प्रदान किये जिसमें एक विद्युत सखी vidhut sakhi भी शामिल है। विद्युत सखी को सबसे पहला काम बकाया बिल जमा करने का दिया गया उसके बाद कुछ अधिकारियों के बीच से पता चला है कि विद्युत सखी को बिल बनाने का काम भी दिया जायेगा। अगर अधिकारियों ने कहा तो सच ही है कि विद्युत सखी बिजली का बिल भी बनाएंगी।

विद्युत सखी क्या है


      विद्युत सखी का मनोबल बढ़ाने के लिए स्वयं सहायता समूह से 30 हजार रूपये का लोन भी बिना ब्याज के दिया गया। वह 30 हजार रुपये इसलिए दिया गया कि आप जिसका भी बिल जमा करती हैं तो उसी पैसे का प्रयोग करें और धीरे धीरे आपकी कमाई सुरु हो जाये। जब आपके पास खुद का पैसा हो तो सरकार का पैसा बापस कर दें। जिसके पास खुद का पैसा था उन्होंने कर्ज नहीं लिया। समूह सखी के उत्साह को बढ़ाने के लिए सरकार ने थर्मल प्रिंटर भी फ्री में गिफ्ट किये। और समय समय पर अधिकारियों द्वारा ट्रेनिंग भी दी गयी।


       ट्रेनिंग के बाद भी कई विद्युत सखी के दिमाग़ से एक बात गायब ही अभी तक। जो तीस हजार रूपये जमा किये हैं आखिर बो कहाँ हैं? कई समूह सखी से पूछ तांछ में पता चला कि बो पैसे मशीन ( प्रिंटर में हैं )ऐसा नहीं है। आपने जो 30 हजार रूपये आईसीआईसीआई बैंक के द्वारा समूह सखी के वॉलेट में जमा किये गए हैं वह विद्युत सखी वॉलेट में हैं।


     विद्युत विभाग ने आईसीआईसीआई बैंक के साथ काम किया है। ट्रांजेक्शन की देखरेख और समूह सखी का कमीशन वहीं से प्राप्त होगा। समूह सखी के वॉलेट में जमा राशि किसी भी उपभोक्ता का बिल जमा करने पर कट जाएगी। समूह सखी जैसे जैसे बिल जमा करेंगी वैसे वैसे वॉलेट से पैसे कम होते जायेंगे।

--------------------------------------------------

अन्य संबंधित पोस्ट पढ़ने के लिए  नीचे दी गयी पोस्ट की लिंक पर क्लिक करें।

पैसा कैसे कमाएं? यह सवाल आपका भी होगा। जनता को बेवकूफ बनाकर कमा सकते हैं Click To Read

मनरेगा से रोजगार सेवक ने फर्जी ड्यूटी से लाखों की फर्जी की कमाई।Clik To Read 

भारत के लोग बेरोजगारी की चपेट में हैं। और विज्ञापन में कम्पनी को वर्कर नहीं मिल रहे हैं। Click To Read

ग्राम विकास अधिकारी से ग्राम का विकास हो  हो लेकिन खुद का खूब हुआ है। Click To Read

-----------------------------------------------

        समूह सखी उन पैसों को खर्च न करें क्योंकि पुनः फिर से अपने वॉलेट का रिचार्ज करवाना है। और फिर से लोगों के पैसे जमा करने हैं। अगर आपके पास 30 हजार से अधिक रूपये हैं आप वह भी कर सकती हैं कोई समस्या नहीं है। आप जितनी अधिक राशि अपने विद्युत सखी वॉलेट में रखोगी उतना ही आराम है। बार बार बैंक के चक्कर नहीं लगाने होंगे।


      वॉलेट में पैसे जमा करने के लिए अभी कोई डाइरेक्ट ऐड मनी का ऑप्शन नहीं है बैंक के द्वारा ही होगा। बस इतना है की विद्युत् सखी का वॉलेट रिचार्ज करने के लिए जरुरी नहीं है सखी के खाते में पैसे हो। आप किसी अन्य के खाते से भी NEFT के माध्यम से वॉलेट रिचार्ज करवा सकते हैं।


बिजली का बिल जमा करने में विद्युत सखी की सबसे बड़ी मुश्किल।

ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के उपभोक्ता अक्सर बिजली का बिल जमा नहीं करते हैं। जिसके कई कारण हैं।


  • 1 कुछ लोगों के बीच में भ्रम कि सरकार गांव में फ्री बिजली दे रही है।
  • 2 कुछ लोगों के बीच यह भ्रम सरकार गांव की बिजली का बिल माफ करेगी।

   इस तरह की अफवाहें राजनितिक चमचे फैलाते हैं ताकि मेरा वोट बैंक मजबूत हो। बिजली उपभोक्ता बातों में आ जाता है और बिजली बिल जमा करने में ढील डाल देता है जिससे उसका बिजली विभाग के कर्ज का बोझ बढ़ जाता है 

     यह दोनों कारण इसलिए हैं कि लोग डिजिटल युग में भी अनजान बने हुए हैं। और सरकार की फ्री सुविधाएं लेने के लालची होते जा रहे हैं जो भविष्य में बेहद ख़तरनाक साबित होंगे।


  • 3 कुछ बचे हुए वह लोग जो बिल जमा नहीं कर रहे उनका मुख्य कारण है बिजली का बिल सही नहीं बनाया जाता है। बिजली उपभोक्ता का बिल फर्जी तरीके से बनाया जा रहा है। उसके मीटर को वर्षों से कोई रीड करने नहीं आया और हर माह बकाया की रसीद आ रही है। कैसे आ रही है यह तो विद्युत विभाग ही बता सकता है। उपभोक्ता बिजली की की कितनी खपत कर रहा है उससे अधिक बिजली का बिल इस बजह से उपभोक्ता बिल जमा नहीं करना चाहता है।

       जिन क्षेत्रों के बिजली उपभोक्ता जागरूक हैं वहां की विद्युत सखी को परेशान होने की जरुरत नहीं है। लेकिन अधिकतम क्षेत्र ऐसे हैं जहाँ के 80% से अधिक उपभोक्ता बिजली का बिल जमा ही नहीं करते हैं। उन क्षेत्र की विद्युत सखी को सबसे पहली मेहनत तो यही करनी होंगी वह लोग बिल जमा करने लगें। जिसके लिए अधिकारियों से मिलकर उपभोक्ताओं के मीटर सही करवाएं और समय पर सही बिल बनवाएं।

        बिजली का बिल जमा न होने का सबसे बड़ा कारण है। जिन ग्रामीण क्षेत्रों में अबसे 5 वर्ष पहले कनेक्शन किये गए थे वहां आज तक कोई यह देखने नहीं गया कि मीटर चालू है या बंद है। अगर कोई गया है तो नोटिस लेकर कि आपका 1 लाख बकाया है। यह प्रक्रिया बिजली उपभोक्ता का धोखे से शोषण करना दर्शाती है। यह प्रक्रिया दोनों तरफ से नुकसान देह है। अगर उपभोक्ता ने 5 वर्ष में सिर्फ 20 हजार की विजली प्रयोग की है तो उससे 80 हजार जबरन एक्स्ट्रा बसूली की जा रही है। और अगर उपभोक्ता ने 1 लाख 50 हजार की बिजली का प्रयोग किया है तो बिजली विभाग को 50 हजार का चुना लग रहा है।


      यह कोई अनुमानित लेख नहीं है ग्रामीण क्षेत्र की सच्चाई है। और यह सच्चाई जब तक चलेगी जबतक उपभोक्ता का समय पर बिजली का बिल और सही बिल नहीं बनाया जायेगा।

Read This Post विद्युत विभाग से उपभोक्ता परेशान

      विद्युत सखी डोर टू डोर घूमने के बाद जब 500 बिजली उपभोक्ता से मिलती है तब कहीं 2 लोग बिल जमा करते हैं। वह ऐसे उपभोक्ता हैं जो अपना बिजली का बिल पहले से ही समय पर भर रहे हैं। उनका मीटर भी ठीक से कभी कभार रीड नहीं होता है फिर भी हर माह टाइम से बिल बनने के कारण बिल जमा कर देता है।


    अधिकतम ग्रामीण क्षेत्र ऐसा है जहा बिजली के उपभोक्ता तो सभी हैं लेकिन बिजली का बिल जमा करने वाले नहीं हैं। अगर ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता का बिजली का बिल अभी भी ठीक नहीं बनाया गया तो समूह सखी के सामने बहुत मुस्किले आएंगी बिजली का बिल जमा करने में। 100 घर घूमने के बाद 1 व्यक्ति बिल जमा कर रहा है तो समूह सखी की मजदूरी भी नहीं निकलेगी।

-------------------------------------------

अन्य संबंधित पोस्ट पढ़ने के लिए  नीचे दी गयी पोस्ट की लिंक पर क्लिक करें।

भारत की राजनीत में चुनावी हिन्दू बनना बेहद जरुरी है क्याक्लिक करके पढ़ें।

धर्म के नाम की हिंसा लोगों के दिमाग़ में कट्टरता  एक बहुत बड़े सडयंत्र से भरी जा रही है। Click To Read

सरकार ने दिया एक शौचालय के लिए 12000 घोटालेबाज उसमें से आधा खा गए। click to read

भारत के लोग बेरोजगारी की चपेट में हैं। और विज्ञापन में कम्पनी को वर्कर नहीं मिल रहे हैं। Click To Read

-------------------------------

      सबसे पहला स्टेप अगर ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के बिजली के बकाया बिल ठीक किये जाएँ। और उपभोक्ता को कोई सही लालच दिया जाये तब संभव है लोग बिल जमा करने लगेंगे। नहीं तो बिजली उपभोक्ताओं से बिल बसूली का अंतिम विकल्प है केस लगाकर जेल भेज दो। यह एक तरह से उपभोक्ता के साथ जबरजस्ती है।


     उपभोक्ता को जेल भेजनें की नौबत ही नहीं आएगी बस लोगों के बिजली बिल मीटर को देखकर ही बनाये जाएँ। और प्रतिमाह टाइम से बनाने का काम किया जाये जिससे उपभोक्ता को बिजली के बिल का बोझ हल्का लगे। क्योंकि अधिकतम ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता के साथ यह होता है बिजली कनेक्शन लेने के 2 तीन वर्ष तक न तो कोई मीटर देखने आता है न बिल जमा करने। 3 साल बाद में बिजली विभाग की तरफ से नोटिस आता है कि आपका 50 हजार बकाया है यह सुनकर उपभोक्ता का बोझ बढ़ जाता है।


विद्युत सखी को बिजली बिल बनाने का भी मिलेगा जो तीन तरह से होगा।

ऑफलाइन बिल, ऑनलाइन बिल, ऑनलाइन प्रो,


  • ऑफलाइन बिल वही बिल है जिसमें फर्जी तरीके से उपभोक्ता का बिल घर बैठे बनाया जा सकता है। और अगर सही तरीके से बनाना है तो मीटर को रीड करके ही बनाया जा सकता है।
  • ऑनलाइन बिल यह एक बहुत ही अच्छा विकल्प है उपभोक्ता को बिलकुल परेशानी नहीं होंगी। और बिजली का बिल विद्युत सखी बनाये या और कोई इसमें फर्जी नहीं कर सकते हैं। क्योंकि विद्युत सखी के मोबाइल से कनेक्ट होते हुए एक डाटा केबिल उपभोक्ता के मीटर से चुम्बक के द्वारा मीटर के डाटा रीड पॉइंट पर चिपकाई जाएगी। विद्युत सखी मोबाइल का इंटरनेट चालू होना चाहिए। साथ में ही मोबाइल का वह अप्लीकेशन भी चालू होना चाहिए जिससे आप ऑनलाइन बिल बना रही हैं। आपका मोबाइल अप्लीकेशन एक क्लिक पर ही बिल बनाकर तैयार कर देगा।


  • ऑनलाइन प्रो यह ऑनलाइन बिल से थोड़ी अलग है। पूरा प्रोसेस वही होगा जो आपने ऑनलाइन बिल में किया है बस बाद में तुरंत जमा करने का भी ऑप्शन आएगा। अगर बिजली उपभोक्ता बिजली का बिल तुरंत जमा करना चाहता है तो आपको ऑनलाइन प्रो बिल ही बनाना होगा।


         विद्युत सखी के मोबाइल एप्लीकेशन बिल जमा करने वाला बिल बनाने वाला, जिन्हे चलाने में मुश्किल हो सकती है। आपकी सहायता के लिए ट्रेनिंग दी जाती है। फिर भी समझ में नहीं आ रहा है तो किसी भी बात को सीखना कठिन नहीं होता है। पहले किसी भी चीज के बारे में सुनना, फिर पढ़ना और बाद में करना अगर आप यह तीनो स्टेप पर ध्यान देतीं हैं तो कठिन से कठिन काम सरल हो जाता है।

      आप जब भी ट्रेनिंग में जाती हैं तो अपने सीनियर अधिकारी से किसी भी अप्लीकेशन के बारे में समझने के लिए अपने मोबाइल पर पीडीऍफ़ फ़ाइल भी हिंदी में मांग लें। जो आपको समझने के लिए बहुत आसान हो जाएगी।

-------------------------------

अन्य संबंधित पोस्ट पढ़ने के लिए  नीचे दी गयी पोस्ट की लिंक पर क्लिक करें।

सरकार आपके द्वार योजना क्यों असफल की गयी क्लिक करें।

हर घर को शुद्ध जल पहुँचाने का काम कितनी हकीकत है कितना झूंठ है।क्लिक करके पढ़ें।

ग्राम प्रधान सहायक की भर्ती सरकारी पैसे की बर्बादी के सिवा और कुछ नहीं लगा।।क्लिक करके पढ़ें।  

-------------------------------

    यह पोस्ट इसलिए नहीं है कि विद्युत सखी का मनोबल गिर जाये। या विद्युत सखी के दिमाग़ में पोस्ट पढ़कर यह सन्देश चला जाये कि में यह काम नहीं करुँगी कोई फायदा नहीं है। आप काम करिये और साथ में अपने अधिकारियों से लोगों के बिल सही करवाने की सूचना भेजिए जिससे आपको भविष्य में फायदा मिले। अगर उपभोक्ताओं के बिजली के बिल सही नहीं होंगे तो विद्युत सखी परेशान ही रहेंगी और मजदूरी भी नहीं निकलेगी। यह पोस्ट सिर्फ विद्युत सखी के सामने आ रही मुश्किलों के बारे में है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

कुल पेज दृश्य

पेज