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Wednesday, October 13, 2021

आधार कार्ड से हो रहे फ्रॉड को कैसे रोका जा सकता है?

        AEPS क्या है? NPCI क्या है? AEPS का फुल फॉर्म क्या है? Digital india क्या है? डिजिटल इंडिया के नुकसान क्या हैं? डिजिटल इंडिया के नाम से ठगी कैसे हो रही है? डिजिटल इंडिया के साथ आपको क्या सावधानी बर्तनी चाहिए?

https://www.digitalindiapayments.com/
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        हम पिछली भी एक दो पोस्ट में लिख चुके हैं डिजिटल इंडिया पेमेंटस लिमिटेड ( digital india payments ltd ) ने हो सकता है करोड़ों रूपये की ठगी AEPS के द्वारा की गयी। AEPS भी एक तरह की बैंकिंग प्रणाली का ही हिस्सा है जिसे NPCI ने सुरु किया है। NPCI के द्वारा रूपये डेबिट कार्ड, भीम यू पी आई, मोबाइल वॉलेट जैसी सुविधाओं को सुरु किया। यह सुविधाएं इसलिए सुरु की गयी हैं लोग जरुरत पड़ने पर अपना पैसा बाहर किसी मित्र अपने रिस्तेदार घर के सदस्य को भेज सकता है। AEPS के द्वारा पैसे भेजने के लिए तो नहीं है लेकिन यह भी डिजिटल इंडिया के प्रोग्राम में अहम् भूमिका रखता है। AEPS की सुविधा से आप अपने खाते में जमा राशि किसी बैंक के कॉमन सर्विस सेंटर पर निकाल सकते हैं। कस्टमर सर्विस सेंटर  ( जन सेवा केंद्र ) पर पैसे निकाल सकते हैं जिसके लिए बस आपको अपना आधार नंबर चाहिए किसी बैंक में लाइन लगाने या एटीएम के पास नहीं जाना है।


        AEPS के द्वारा डिजिटल इंडिया पेमेंट्स लिमिटेड एक कम्पनी है जिसने बहुत से खाताधारक को हजारों रुपये की चपत लगा दी। जिसके बारे में एक पोस्ट लिखी है आप यहाँ क्लिक करके पढ़ सकते हैं। आजतक NPCI डिजिटल इंडिया पेमेंट्स लिमिटेड का कुछ नहीं उखाड़ पायी। क्योंकि NPCI को पता ही नहीं है मेरी आँखों के सामने लोगों के साथ धोखा हो गया है।


       आधार कार्ड से लोगों के पैसे निकल जाते हैं जो कम पढ़े लिखे लोग हैं जिनको डिजिटल इंडिया के बारे में कम जानकारी है जिसकी वजह से कहीं न कहीं धोखा खा जाते हैं। किसी बायोमेट्रिक डिवाइस पर ऊँगली रखने के लिए जरुरी नहीं है कि अपने खाते से पैसे ही निकालने हैं अन्य काम भी हो सकते हैं। किसी अन्य काम के बहाने वो लोग जिन्होंने आधार कार्ड से पैसे निकालने की एप्लीकेशन ऑनलइन किसी कम्पनी से ली है। वह किसी बहाने में लेकर लोगों के आधार कार्ड से पैसे निकाल लेते हैं जिनको पकड़ना मुश्किल होने की वजह यह है NPCI ने कोई भी सरल तरीका नहीं निकाला है फ्रॉड करने वाले को आसानी से पकड़ा जा सके। जिस व्यक्ति के 2000 से लेकर 10000 रूपये तक निकाले गए हैं वह अपनी शिकायत किसे करे। अपने पैसे चोरी की शिकायत बैंक से करो तो बैंक सीधा सा जबाब देता है आपके पैसे आधार कार्ड से निकाले गए हैं इसमें हम कुछ नहीं कर सकते। पैसे का लेन देन पासबुक पर लिखवाओ तो स्पस्ट लिखकर आता है आपका पैसा आधार से निकाला गया है। कहाँ निकाला गया कैसे निकाला गया शिकायत करने पर भी पता नहीं चलता है।


      अगर वह अपने बैंक खाते से चोरी हुयी रकम को पुलिस से शिकायत करता है जिसमें पुलिस भी दिलचस्पी इसलिए नहीं रखती वह किसे पकडे। खाताधारक किसी जनसेवा केंद्र संचालक के खिलाफ एफ आई आर कर भी देता है तो जनसेवा केंद्र संचालक का दोस न होते हुए भी पुलिस जनसेवा केंद्र संचालक को परेशान करती है। जबकि जनसेवा केंद्र संचालक किसी की चोरी से रकम निकालने का काम बहुत कम करते हैं। क्योंकि उनको पता है मुझे रोजाना यहीं बैठना है। अगर चोरी करेगा तो दुकान बंद करके भागना पड़ेगा। जिसको चोरी करनी थी वह एक जगह बैठ कर नहीं करता है आज यहाँ कल वहां चलता फिरता रहता है। आधार कार्ड से पैसे निकालने का प्लेटफार्म बहुत ही आशान तरीके से तैयार हो जाता है।  मोबाइल पर app store से app डाउनलोड किया kyc की कम्पलीट। जिस app से पैसे निकाले जा रहे हैं उसे तो यह पता है कि मेरा एजेंट सिर्फ काम कर रहा है यह पता नहीं है एजेंट चोरी भी कर रहा है। चोर किसी बहाने से आपसे फिंगर स्कैनर पर उंगली रखवाकर पैसे निकाल ले गया।

आधार कार्ड से हो रहे फ्रॉड को कैसे रोका जा सकता है?

      आधार कार्ड से पैसे निकलना अच्छी बात है। पर इसमें हो रहे फ्रॉड को एक सरल तरीके से रोका जा सकता है। जिस एजेंट ने पैसे निकाले हैं जब भी निकाले हैं तो उसका एक ट्रांजेक्शन नम्बर जारी होता है। वह ट्रांजेक्शन नम्बर आपके बैंक स्टेटमेन्ट में भी दिखाई देता है। उसी ट्रांजेक्शन नम्बर से जिसने भी पैसा निकाला है उसकी डिटेल आसानी से बैंक निकाल कर दे या पब्लिक वैबसाइट पर आसानी से निकल सके सायद 100% आधार कार्ड से पैसे निकालने में हो रहे फ्रॉड को रोका जा सकता है। लेकिन यह सब सम्भव इसलिए नहीं है भारत की सरकार और अन्य बैंकिंग प्रणाली इन सभी के बारे में सोचती ही नहीं है।

डिजिटल इंडिया के नाम पर ठगी कैसे हो रही है?

       डिजिटल इंडिया के नाम पर लोग शिक्षा के आभाव में लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं। भारत की बैंकिंग प्रणाली सिर्फ पैसे लेने के लिए काम कर रही है अभी तक। साथ में ही NPCI लोगों को डिजिटल बनाने की कोसिस में लगा है। भारत के बैंक भी पैसे का लेन देन तो कर रहीं हैं लेकिन ये सभी ग्राहक के पैसे को सुरक्षा कोई जिम्मेदारी नहीं है। हैकर और फ्रॉड करने वाले ग्राहक के खाते से पैसा उड़ा लेते हैं या किसी लाटरी आदि के बहाने से ठगी कर लेते हैं। जिस ऑनलइन किसी के पैसे उड़ाना या अपने खाते में डलवाना कहीं न कहीं तो जाता ही है। भारत का कोई भी निजी वॉलेट बैंकिंग प्रणाली जो npci जारी करता है किसी भी ऑनलइन स्कैम में ग्राहक को सुरक्षा नहीं देता है। वॉलेट से ग्राहक के पैसे किसी बहाने से उड़ा लिए जाते हैं, शिकायत करने पर npci और बैंक दोनों किनारा कर लेते हैं।


      डिजिटल इंडिया के साथ आपको क्या सावधानी बर्तनी चाहिए?

      जहाँ आपका फायदा जुडा है नुकसान भी उसी के साथ चलता है। आप जरा से लापरवाह हुए नहीं कि आपको नुकसान पकड़ लेगा और आपका फायदा लाखों कोस दूर चला जायेगा। डिजिटल इंडिया बनने के साथ हम लोगों को थोड़ा जागरूक होना पड़ेगा जिसके लिए कुछ उपाय हैं आप अगर उसपर अमल करते हैं तो कहीं न कहीं ठगी से बच सकते हैं। आप अगर पहले से सभी बातें जानते हैं तो अच्छी बात है, जो लोग नहीं जानते हैं ये पोस्ट उन लोगों तक पहुँच जाये तो अच्छी बात है।

     i- अपरचित व्यक्ति और अपरचित जगह पर अपना आधार नम्बर बताना साथ में ही बायोमेट्रिक डिवाइस पर अपनी ऊँगली किसी के कहने पर न रखें। इसका फायदा आपको यह हो सकता है अगर कोई भी जालसाजी व्यक्ति आधार के द्वारा आपके बैंक खाते से पैसे नहीं निकाल सकता है।

    ii- लॉटरी के लालच में न फसना- बहुत से जालसाजी लोग मासूम लोगों को फोन करके किसी लाटरी के चक्कर में फसा लेते हैं। लोग लालच में फसकर बदले में 20 हजार रुपये से अधिक रुपये फोन करने वाले के खाते में डाल देते हैं। बाद में पता चलता है ये तो ठगी का शिकार हो गया में फिर शिकायत करने पर भी कुछ नहीं होता है। जबकि बैंक चाहे तो जिस खाते में पैसा गया उसका पता तुरंत लगा सकती है। ब्रांच मैनेजर आदि का कमीशन होने की वजह से   चोर को पकड़वाने में कोई हेल्प नहीं मिलती है। इसलिए आप किसी लॉटरी आदि के लालच में फसकर किसी के खाते में पैसे न डालें।

    iii- फोनपे, गूगल पे, या जो भी भीम यू पी आई मोबाइल वॉलेट होते हैं उन पर किसी भी अपरचित व्यक्ति के द्वारा भेजी गयी पैसे भेजने के अनुरोध को अस्वीकार कर दें। अगर कोई व्यक्ति फोन करके आपसे कहता है श्रीमान आपकी लॉटरी लगी है या अन्य कोई लालच देकर आपको एक पैसे रिसीव करने का अनुरोध आपके भीम यू पी आई वॉलेट पर भेज रहा है और आपसे कहता है कृपया अपना पिन डालकर कर पैसे प्राप्त करें। ये बिलकुल उल्टा होता है जिसने आपसे कहा है की हमने आपको पैसे भेजे हैं जिसका नोटिफिकेशन आया होगा। यह सच भी होता है आपके वॉलेट पर एक नोटिफिकेशन आया होता है लेकिन वह नोटिफिकेशन पैसे प्राप्त करने का नहीं होता है वह नोटिफिकेशन पैसे भेजने का होता है। क्योंकि पैसे प्राप्त करने के लिए कोई भी पिन आदि डालने की जरुरत नहीं होती है। आपको पढ़कर अजीव सा जरूर लगा होगा ऐसी घटनाये हो चुकी हैं।


     कोई भी व्यक्ति आपको व्हाट्सप्प आदि के माध्यम से कोई क्यूआर कोड़ स्कैन करने के लिए भेजता है और आपसे कहता है कि आप इस कोड़ को स्कैन करें और आपके खाते में हम कुछ रुपये डाल रहे हैं मुझे बाद में दे देना या फिर आपको कोई लालच ही दे रहा है। आप बातों में बिलकुल भी न आएं क्योंकि अगर कोई भी व्यक्ति आपके मोबाइल वॉलेट भीम यू पी आई पर पैसे डाल रहा है तो उसके लिए आपको किसी कोड़ को स्कैन करने की जरुरत नहीं होती है जिसे भी आपके खाते पर पैसे डालने होते हैं वह आपकी upi id पर डाल देगा।


       सीधा सा आप ऐसे ही समझें अगर आपको कोई भी व्यक्ति लालच दे रहा है लॉटरी आदि की बातें कर रहा है या आपको पैसे देने की बातें कर रहा है। और आपसे कहता है में आपको 1 लाख रुपये या उससे अधिक दे रहा हूँ उसके पहले आप मुझे 10 हजार रुपये दें। आप उससे सीधा बोलो भाई जो रुपये आप मुझे दे रहे हैं उसी में से 10 हजार का 20 हजार ले ले और बाकी का मुझे दे। और अगर थोड़ी सी हिम्मत है आपमें तो लॉटरी देने वाले को गालियां भी जी भरके दे सकते हैं।

      iv- किसी को भी अपने मोबाइल पर आया हुआ otp जिसे one टाइम पासवर्ड कहते हैं न बतायें। ये बात तो सायद आप सभी लोग जानने ही लगे हैं जिसे ज्यादा समझाने की जरुरत नहीं है। 


आखिर खाता धारक की शिकायत का समाधान कैसे सरल किया जाए। ये बात भारत का बैंकिंग प्रणाली नहीं सोच रहा है तो आप भी अपने आप पर लोड न ले बस सावधान रहें। अगर आपके पास भी कोई और विकल्प हो ठगों से बचने का तो कृपया कमेंट में बतायें।

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