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Sunday, October 3, 2021

सरकार आपके द्वार योजना क्यों असफल की गयी

    सरकार आपके द्वार योजना क्यों असफल की गयी, या सिर्फ दिखावे की नौटंकी थी 


      सरकार आपके द्वार योजना के बारे में सुना होगा अगर नहीं सुना है तो में बता दूँ सरकार आपके द्वार योजना जो 16 सितम्बर 2021 से 30 सितम्बर 2021 तक की गयी थी। इस योजना को उत्तर प्रदेश की वर्तमान राज्य सरकार द्वारा किया गया। योजना के काम का मैप अच्छा था, सरकार आपके द्वार योजना का उद्देश्य क्या था? उद्देश्य के बाद भी सरकार आपके द्वार योजना 95% असफल रही जिसके बारे में आज बात करते हैं।

सरकार आपके द्वार

 

(1) - सरकार आपके द्वार योजना का उद्देश्य क्या है / 

         दोस्तो आपको सबसे पहले तो यह समझना होगा सरकार आपके द्वार योजना का उद्देश्य क्या था। उत्तर प्रदेश राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत भवन में जिन अधिकारियों (खण्ड विकास अधिकारी ) व पंचायत सदस्यों ( ग्राम प्रधान ) की अहम् भूमिका होती है। उनके द्वारा लोगों की समस्यायों व सरकार के द्वारा दिए गए किसी लाभ और योजना में छूट गए हैं उनका तत्काल प्रभाव से निस्तारण करके लाभ देना। ग्राम पंचायतों में तत्काल काम करने के लिए जनसेवा केंद्र संचालकों की ड्यूटी भी लगायी गयी। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए जो भी उपकरण मौजूद होते हैं उनके साथ जनसेवा केंद्र संचालक को बैठना था। सभी ग्राम पंचायतों में सरकार आपके द्वार योजना का कैंप था जो छः छः दिन के दो चरणों में सफल करना था। सरकार आपके द्वार योजना के उद्देश्य में 21 वह योंजनाए सामिल थी जिन्हें वर्तमान राज्य सरकार ने सुरु किया था। यह योजनाएं निम्नलिखित हैं। सभी योजनाओं का तत्काल आवेदन करके तत्काल निस्तारण था।

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         (2)-सरकार आपके द्वार योजना क्यों असफल हुयी?

         जनसेवा केंद्र संचालक को ईमेल से प्राप्त लेटर में धमकी भी लिखी थी अगर आप सरकार आपके द्वार योजना के कैंप में नहीं पहुँच रहे हैं तो आपकी जनसेवा केंद्र की id बंद कर दी जाएगी।  यह धमकी किसी खण्ड विकास अधिकारी को नहीं दी गयी यह धमकी किसी ग्राम प्रधान को नहीं दी गयी। अगर यही धमकिया अधिकारियों को भी दी जाने लगें तो 16 सितम्बर 2021 से लेकर 30 सितम्बर 2021 तक मेरे हिसाब से कोई भी लाभार्थी अपने लाभ से नहीं चूकता। अगर खण्ड विकास अधिकारियों और ग्राम प्रधान को धमकी दी गयी है तो ऐसी धमकियों से अधकारियों ने डरना बंद कर दिया है। सायद पूरे उत्तर प्रदेश की बहुत कम ग्राम पंचायतों में सरकार आपके द्वार योजना का कैंप 15 दिन में सभी मिलाकर 3 घंटे से अधिक चला हो। कई ग्राम पंचायत ऐसी भी हैं जहाँ सरकार आपके द्वार का कैंप लगाया ही नहीं गया। अब इसी बात को भी समझते हैं सरकार आपके द्वार योजना का कैंप असफल क्यों हुआ जिसके कुछ निम्नलिखित कारण हैं।

       i- आधिकारिक वेबसाइट की धीमी गति 

      एक समय था जब इंटरनेट चलाने में खुशी मिलती थी 2G की स्पीड मिला करती थी ऑनलइन चलने वाले प्रोग्राम के बारे में जानना मुश्किल सा होता था। इंटरनेट के द्वारा अपने मनपसंद का वीडियो देखने के जो भी प्लेटफॉर्म थे 5 मिनट का वीडियो 30 मिनट से भी अधिक समय में देख पाते थे। इंटरनेट डाउनलोड की स्पीड ब्लूटूथ से भी स्लो थी। अब तकनीक ने 4G इंटरनेट स्पीड सायद भारत के हर हिस्से तक पहुंचा दी है । 

   4G इंटरनेट स्पीड का फायदा निजी वेबसाइट और प्लेटफार्म के मालिकों ने भरपूर उठाया अरबों रुपये कमा रहे हैं। लेकिन भ्रष्टाचार की वजह से  भारत की सरकारी वेबसाइट 4G इंटरनेट स्पीड के जमाने में भी 2G से कम ब्राउजिंग स्पीड दे रहीं हैं। सरकार आपके द्वार योजना  में श्रमिक कार्ड, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और आदि प्रमाण पत्र जो e-district पोर्टल, csc e-governance services india limited, और अन्य आधिकारिक वैबसाइट से आवेदन होने थे।

    जिन सरकारी वेबसाइट से आवेदन होने थे वह पहले से ही धीमी गति से चल रहीं थीं। 16 सितम्बर 2021 से थोड़ा लोड बढ़ने से बिलकुल ही काम करना बंद कर दिया। इस वजह से बहुत कम आवेदन हो पाए। निजी वेबसाइट अगर 10 मिनट के लिए जाम हो जाती हैं तो उनका करोड़ों रुपये में नुकसान हो जाता है। सरकारी वैबसाइट 15 दिन से अधिक दिन तक काम नहीं करती हैं अधिकारियों को नुकसान से कोई मतलब ही नहीं है। क्योंकि उनकी तनख्वाह महीने पर आनी है ना आने पर धरना प्रदर्शन करना है, सरकार के खिलाफ नारेबाजी करनी है। नुकसान भी हो रहा है तो आम नागरिकों का सरकार का न की खुद का।

      निजी वैबसाइट पर कभी जाम न आये जिसके लिए उनके मालिक हर प्रयास करते हैं। सरकारी वैबसाइट को इतना धीमा सायद इसलिए बनाया जाता है देश की सरकार धीमी गति से काम कर पाए। देश के लोग धीमी गति से आगे बढ़ पाएं। सरकारी वेबसाइट की धीमी गति जनसेवा केंद्र संचालक का रोजगार के नाम पर समय नस्ट करती हैं। सरकारी वेबसाइट अगर अच्छी तरह से काम करें तो केंद्र संचालक एक दिन में 1000 रुपये से अधिक कमा सकता है। धीमी गति की वजह से पूरे दिन मेहनत करने के बाद 500 रुपये जुटाना मुश्किल हो जाता है काम में मन भी नहीं लगता। दुकान का किराया मौजूद उपकारणों का सर्विस मेंटेन और भी बहुत से खर्चे जिनकी पूर्ती ही नहीं हो पाती है। जनसेवा केंद्र संचालक सरकार की योजना का प्रचार और लोगों को जागरूक करता है लेकिन सरकारी वेबसाइट की धीमी गति फल नहीं मिलने देती है।

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        सरकारी ऑफिस में जो भी उपकरण होते हैं वहां के सर्विस मेंटेन सबका खर्चा सरकार देती है। इंटरनेट चले या न चले महीने की तनख्वाह पक्की। तनख्वाह के बाद भी एक्स्ट्रा कमाई खूब जमकर होती है। सरकार आपके द्वार योजना के कैंप में जनसेवा केंद्र संचालक को एक धमकी और दी गयी आप किसी नागरिक से निर्धारित शुल्क से अधिक नहीं ले सकते अगर लेते हो तो आवश्यक कार्यवाही करते हुए csc id बंद कर दी जाएगी। सीधी सी बात है आम जनता को काम के नाम पर बेवकूफ भी बनाओ पैसे भी कमाओ। अगर आम जनता ने कहीं से कमा लिए तो भरस्टाचार हो गया। संबिदा कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी से कमाई सीखने के लिए क्लिक कर दो।

      ii- सरकार आपके द्वार योजना के जिस प्रकार से निर्देश जारी किये गए थे उस हिसाब से काम ही नहीं हुआ 

        न तो किसी ग्राम पंचायत में लगातार 15 दिन कैंप हुए, न ही ग्राम प्रधान ने चिंता की, और न ही ग्राम विकास अधिकारी ने चिंता की यह सब किसी एक जगह पर नहीं हुआ बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश राज्य की 95% ग्राम पंचायतों में हुआ है। अगर इस पोस्ट को पढ़कर आपको कुछ झूंट सा लग रहा है तो अपनी ग्राम पंचायत से अंदाजा लगा लेना कितने दिन सरकार आपके द्वार योजना का कैंप ठीक ढंग से किया गया। जनसेवा केंद्र संचालको ने श्रमिक कार्ड के लिए रात रात भर मेहनत थोड़े कमीशन के लिए करते रहे बाकी अधिकारी सोते रहे।एक पूरी रात जागने के बाद भी एक जनसेवा केंद्र संचालक मात्र 4 से 5 कार्ड के लगभग ही बना सका अगर वैबसाइट की स्पीड अच्छी होती तो रात को जागकर काम न करना पड़ता और कम समय में लाभार्थी को लाभ मिल सकता।

        कैंप कहीं भी सफल इसलिए नहीं किये गए ग्राम प्रधानों को अपनी राजनीत 5 वर्ष तक करनी है लाभार्थी के लाभ का निस्तारण तत्काल प्रभाव से होने लगेगा तो बाकी के समय में  क्या करेंगे। खण्ड विकास अधिकारियों ने भी अपना कर्तब्य इस वजह से नहीं निभाया अगर हम सभी काम कैंप के माध्यम से कर देंगे तो एक्स्ट्रा कमाई का साधन कैसे चलेगा।


      (3)-सरकार आपके द्वार योजना किसके लिए थी?

       सरकार आपके द्वार योजना ग्राम पंचायतों में इसलिए की गयी थी गांव के लोग जागरूकता के आभाव में अपना लाभ नहीं ले पाते हैं। बहुत योजनाओं के बारे में पता ही नहीं चल पाता है सरकार ने मेरे लिए क्या भेजा,कैसे मिलेगा, किसको मिलेगा। 15 दिन तक जागरूक करके तत्काल लाभ देना था। या जिसके भी सरकारी लाभ के कार्य अधूरे पड़े हैं उनको पूरा करना बहुत कुछ था। साथ में ही उत्तर प्रदेश में विधानसभा का चुनाव भी नजदीक है थोड़ी सी झलक वोट बैंक को बनाने के लिए सरकार आपके द्वार योजना में देखी जा सकती है। ये हम अपनी तरफ से नहीं कह रहे हैं सरकार आपके द्वार योजना के कैंप थोड़े बहुत जैसे भी सफल हुए उनमें आये हुए वो लोग जो भारतीय जनता पार्टी के अलावा किसी अन्य पार्टी के समर्थक थे वह कह रहे थे। (सरकार का काम धाम कुछ नहीं वोट के चक्कर में ये सब नौटंकी हो रही है )


       जिस तरह से सरकार आपके द्वार योजना का उद्देश्य बताया गया है उसी हिसाब से अगर काम भी हो तो यह पहल बहुत ही अच्छी साबित हो जाएगी। और सरकार आपके द्वार योजना के कैंप एक महीने में 2 दिन भी ढंग से लगाए जाएँ तो भारत की जनता में जागरूकता तय समय से भी कम समय में आ सकती है। किसी भी सरकारी लाभ के लिए कौन पात्र है कौन अपात्र है यह सब बहुत ही अच्छे तरीके से होने लगे। अभी तक तो मेरे भारत में भ्रष्टाचार की वजह से यह हाल है एक ही परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के 3 आवास से अधिक मिल जाते हैं। जो अपनी गुजर झोपड़ी में कर रहा है वह लोग ग्राम प्रधान को सिर्फ वोट के समय पर दिखाई देता है बाकी के समय गायब। प्रधानमंत्री आवास योजना में घोटाला कैसे पढ़ने के लिए क्लिक करें। साथ में ही ग्राम प्रधान बनने के लिए क्या करें पढ़ने के लिए क्लिक कर दें।


      आज तो बस इतना ही मिलते हैं फिर नयी पोस्ट लेकर। इस पोस्ट में भी अगर कोई गलती है या कुछ छूट सा गया है कृपया कमेंट में बता दें। पोस्ट को अपडेट कर दिया जायेगा।

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