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Tuesday, July 6, 2021

Khanan Vibhag ke niyam चाहे जो हों 6000 रूपये एक रात की रिश्वत में पूरी रात खुदाई करो।

       थाने या पुलिस चौकी में jcb से अवैध खनन को रिश्वत देकर वैध बनाया जाता है।

 




      हम उस देश के वाशी हैं जहाँ की कई खास बातें लुभाती हैं जिन्हें सुनकर अपने आपमें गर्भ महसूस होता है वहीं कुछ बातें ऐसी भी जुडी होतीं हैं जिन्हें सुनकर लगता है यार ये कमी मेरे देश की होती। पर सायद संभव नहीं है किसी देश की सभी अच्छाइयाँ हों  अन्य देशों की कमी कुछ भी हो मेरे देश की सबसे बड़ी कमी यह है यहाँ घोटाले करना एक बहुत बड़ा व्यापार है फिर भी इस घोटाले रुपी व्यापार को किसी अवार्ड से नहीं नावाजा जाता है घोटाले को सीखने की डिग्री किसी स्कूल, कॉलेज, इंस्टिट्यूट या कोचिंग सेंटर पर नहीं मिलती हम भारतियों के रग-रग में कण-कण में घोटाले की सोच बसती है यहाँ तक कहा जाये तो हमारे भारत में 99.99% बच्चे जन्म लेते हैं तो मानो 99.99% घोटालेबाज जन्म लेते हैं  

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  आपके दिमाग को झटका जरूर लगा होगा कि यार सभी घोटालेबाज नहीं होते हैं  में भी मानता हूँ पर ऐसे तो मानोगे पापा ने बाजार के लिए 100 रूपये दिए जिसमें से 10 रु ईमानदार होने का ढोंग करके 10 रु फिर भी बचाने की कला तो सायद सभी के पास है जो सब्जी 8 रु की है उसके 10 रूपये रेट बताकर  बचत करने की कला तो हमारे बचपन में ही जाती है और बड़े होते होते बड़े बड़े सौदे होते हैं तो फिर बड़े बड़े घोटाले भी होते हैं खैर इस मजाकिया लेख को यहीं छोड़ते हैं अब बात करते हैं उत्तर प्रदेश खनन विभाग की

 

  उत्तर प्रदेश खनन अधिनियम (विभाग )का मतलब खनिज और उपखनिज की खोज या खुदाई से है. जिसमें मोरम ( बालू जो घर बनाने में काम आती है ) कोयला, सीमेंट ग्रेड ( लाइमस्टोन ), खण्डा, गिट्टी बोल्डर, ग्रेनाइट डायमेशनल स्टोन, सिलिका सैण्ड, डोलोमाईट, चाइना क्ले, आदि और भी हो सकते हैं सायद हमें इतनी जानकारी नहीं है आप सभी ने कक्षा 6 से लेकर 8 तक खनिज और उपखनिज के बारे में खूब पढ़ा है आपको बता दूँ खनिज की श्रेणी में कोयला और सीमेंट ग्रेड आते हैं बाकी सब उपखनिज हैं। इन सभी की खनन की निगरानी उत्तर प्रदेश खनन अधिनियम ( विभाग ) देख रेख करता है देख रेख का मतलब ये है कहीं पर अवैध खुदाई हो अवैध खुदाई का मतलब ये है जहाँ सरकार की अनुमति है वह वैध है जहाँ सरकार की अनुमति नहीं है वह खुदाई अवैध होती है

       खनन अधिनियम Khanan vibhag

     खनन नीत 2017 प्रख्यापित कर उपखनिजों के क्षेत्रों का व्यवस्थापन  नीलामी / निविदा सह नीलामी के माध्यम से किये जाने का निर्णय है।

       खान एवं खनिज अधिनियम - 1957 की धारा 13 के अनुसार केंद्र सरकार की ब्यवस्था है।

     वर्ष 1963 खनन प्रशासन का दायित्व विभाग को सौंप दिया गया  और उत्तर प्रदेश उप खनिज नियमावली है ये अलग अलग प्रदेशों में अलग अलग हो सकते हैं

      और सबसे बड़ी जानकरी की बात तो यह है वर्ष 1955 में भूतत्व एवं  खनिकर्म निदेशालय की स्थापना की गयी। ये तो थोड़ी सी जानकारी थी खनन अधिनियम के बारे में अगर ज्यादा पढ़ना चाहते हैं तो इस लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं हमने ज्यादा जानकारी इस लेख में इसलिए नहीं दी इस लेख का यह विषय नहीं है इस लेख का विषय है घोटाले

 

         इसी वैध और अवैध खुदाई के चक्कर में जो अधिकारी या नेता होते वो कमाई कैसे करते हैं इस बारे में बात करते हैं खनन के लिए खनिज और उपखनिज बड़े स्तर की बातें हैं उनमें बड़े लोग ही सामिल होते हैं पर हम उसके नीचे स्तर की बात करते हैं किसान अपने खेतों से मिट्टी की की खुदाई अपने लिए करवाता है या किसी अन्य को बेच देता है उस मिट्टी को बेचने घन के हिसाब से एक सरकारी दर तय है मिट्टी खरीदने वाला किस हिसाब से ले रहा है बेचने वाला किस हिसाब से बेच रहा है ये आपसी समझौते भी होते हैं  



       खरीदने वाले का मिट्टी खुदवाने से लेकर ढोने तक का खर्चा होता है मिट्टी की दर राजस्व तहसील के हिसाब से होती है। प्रत्येक तहसील  में मिट्टी की कीमत एरिया के हिसाब से अलग अलग भी होती है । एक नियम सबके लिए बराबर है मिट्टी बेचने वाला अपने खेत से सिर्फ 3 फीट गहराई तक की मिट्टी बेच सकता उससे अधिक बेचने पर कोई शिकायत कर देता है तो बेचने और खरीदने वाले पर कानूनी कार्यवाही का प्रावधान है । ये विषय भी इस लेख का नहीं है लेकिन साथ में आपको यह जानकारी भी होनी चाहिए अगर नहीं है ।

 Khanan vibhag की धज्जियाँ उड़ा रहा अवैध खनन।

          सरकार ने कानून लागू किया कि अवैध खनन नहीं होगा । अच्छी बात है कोई तो नुकसान होगा सरकार का जिसकी वजह से यह कानून लाना पड़ा । खनन के इस कानून की वजह से पुलिस की कमाई उनसे ऊपर के आला अधिकारी की कमाई में जो इजाफा हुआ है उसकी तारीफ करते ही बनती है । कहीं पर नाला खुदाई के लिए जे.सी.बी. मशीन चल रही हो वहां भी पुलिस वाले डंडा लेकर आ जाते हैं - हाँ भाई ये किसकी परमिसन से हो रहा है, परमिशन दिखाओ या कुछ पैसे तब वहाँ पर मशीन चलेगी । किसी को अपने ईंट भट्ठे के लिए मिट्टी खरीदनी है खोदने की परमिशन लेनी होगी । यहाँ तक तो ठीक है 3 फीट की परमिशन एस. डी. एम. से ले लें जो जरुरी है । उसके बाद भी जे. सी. बी. मशीन मालिक से हफ्ता बसूली थाने में जानी है । मेरी समझ में ये नहीं आ रहा है मशीन मालिक को हफ्ता देने का शौक है या पुलिस को गुंडा गर्दी से बसूलने का परमिट है ।

            कोई किसान अपनी मिट्टी नहीं खुदवा सकता है । किसी किसान का खेत जरुरत से ज्यादा ऊँचा है वह उसे लेविल करवाने के लिए कुछ मिट्टी हटाना चाहता है उसे यहाँ भी परमिशन लेनी होगी । मिट्टी हटाने के लिए जो जे. सी. बी. का मालिक है पुलिस के डर की वजह से रात को 11 बजे के बाद खुदाई करता है । जिसने मिट्टी खरीदी है या फ्री में ली है उसे भुगतान करना है । अगर मिट्टी फ्री में खरीदी है तो जे. सी. बी. मशीन का खर्चा, मिट्टी ढोने का खर्चा, और साथ में पुलिस का खर्चा जो थाने में हफ्ते पंद्रह दिन में जे. सी बी. मशीन मालिक या मिट्टी के ठेकेदार द्वारा दिया जाता है । वह हफ्ता दिया जरूर जे. सी. बी. मालिक द्वारा जाता है लेकिन उसका असर मिट्टी खरीदने वाले और बेचने वाले पर पड़ता है ।

 

     थाने में हप्ता कितना लगता है?

          अगर आप jcb मालिक हैं और अपनी jcb मशीन से पैसे कमाना चाहते हैं तो अपने नजदीकी पुलिस थाने में 6000 रूपये प्रति रात के हिसाब से देना होता है। ये पुलिस थाने में अवैध खनन के लिए जमा की जाने वाली रिश्वत 2022 का रेट है। हो सकता है कम भी हो जाता है। एक रात की 5000 रिश्वत भी होती है। 

       सबसे जरुरी है अवैध खनन का डर उसी डर की वजह से थाने में हप्ते का चलन है । हप्ता देने का मतलब है जो भी अवैध काम हो रहा है वो होता रहेगा आपके पास पुलिस नहीं आएगी । अगर पुलिस किसी के शिकायत करने पर आ भी जाती है तो सिर्फ दिखावे की कार्यवाही होगी । पुलिस को एक रात का पांच हजार के आसपास देने होते हैं । ऐसे मान लो महंगी वेश्या एक रात के लिए बुक की है आप कुछ भी करो । जे. सी. बी. का मालिक एक रात में 200 ट्राली मिट्टी की खुदाई कर लेता है । मिट्टी खुदाई के ठेकेदार ने 5000 रूपये पुलिस को रिश्वत दी है इसका मतलब  उसे कमसे कम 30000 के लगभग मुनाफा होगा ।

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मिट्टी खुदाई नियम khanan vibhag

         अब इसी अवैध खनन को वैध तरीके से करना है । तहसील जाकर एस. डी. एम. से परमिशन लेनी है । परमिसन लेने के लिए जिसके खेत से खुदाई होगी वह जा सकता है । उसके आलावा मिट्टी खुदाई का ठेकेदार भी ले सकता है इधर उधर करके ( इधर उधर का मतलब थोड़े बहुत पैसे देकर ।) मिट्टी खोदने की परमिशन लेने के बाद आप दिन में रात में कभी भी मिट्टी की खुदाई कर सकते हैं । परमिशन न होने की दसा में सिर्फ रात को ही मिट्टी की खुदाई होगी । आपके पास मिट्टी खोदने की परमिसन है फिर भी मौक़े पर पुलिस आ गयी तो 500 रूपये देने ही होंगे ।

 

        अवैध खनन कानून की वजह से एक थाने की 5 लाख के ऊपरी कमाई है । एक थाना क्षेत्र में लगभग 5 मिट्टी खुदाई के ठेकेदार होते हैं । प्रत्येक ठेकेदार एक रात का 5000 रु देता है । सभी के काम रोजाना नहीं चलते महीने में 10 रातें तो चलता ही है । एक एवरेज से देखा जाये 5 ठेकेदार मिलकर 5 लाख तो दे ही देते हैं । पुलिस की कमाई सिर्फ इसी अवैध खनन की वजह से इतनी है । और भी बहुत से साधन हैं तो उनकी वज़ह से कितनी कमाई होगी?

 यह पोस्ट एक न्यूज़ नहीं है, न ही यह वेबसाइट कोई न्यूज़ पोर्टल है। यह बस एक ब्लॉगर वेबसाइट है अन्य ब्लॉगर की तरह ही कुछ जानकारी एकत्रित करके कई लोगों की मदद से पोस्ट तैयार की जाती है। पोस्ट न्यूज़ जरूर नहीं है लेकिन समाज की एक सच्चाई जरूर है।

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