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Sunday, May 23, 2021

पंचायत चुनाव में पैसा पानी की तरह बहाया जाता है। क्या आप भली भांति जानते हैं।

 भारत के पंचायत चुनाव में लाखों की कमाई और खर्चे देश के विकास में रोड़ा हैं।

       पंचायत चुनाव UP का ही नहीं किसी भी प्रदेश का हो उसमें लाखों करोणों में एक-एक पंचायत सदस्य खरीदे जाते हैं । फिर आप अंदाजा लगा सकते हैं विधायक खरीदने के लिए कितना रुपया दिया जाता होगा । जब एक पंचयात सदस्य को लाखों में ख़रीदा गया है। विकास कैसे होगा जिन्होंने जीतने के लिए इतना खर्चा किया है फिर वह सरकारी खजाने से अपनी पूर्ती घोटाले से करते हैं अपने पैसे की पूर्ती की जाती है । आईये आज इसी विषय पे चर्चा करते हैं ।



      पंचायत चुनाव में कई एक पद होते हैं जिनका चुनाव जनता अपना अमूल्य वोट देकर करती है । पहले उन्हें समझते हैं ।

     (1)- ग्राम प्रधान - ग्राम प्रधान बो सदस्य होता है जिसे सम्पूर्ण एक ग्राम पंचायत की जनता अपना अमूल्य वोट देकर करती है । अपने मुखिया के रूप में चुनती है और वह एक पंचवर्षीय योजना तक रहता है । अगर वह घोटाले आदि कम करता है लोगों के बीच लोकप्रिय हो जाता है तो जनता उसे दोबारा चुनती है । घोटाले आदि ज्यादा करता है तो जनता दोबारा किसी और को चुन लेती है । चुनना क्या है? ग्राम प्रधान भी पैसे, दारु, मुर्गा, लोगों के बीच बांटता है तब कहीं चुनाव जीत पाता है । हो सकता है  इतना खर्चा करने के बाद भी चुनाव हार जाये । जब प्रधान ने इतना खर्चा किया है विकास तो होना नहीं है अपना खर्चा ही निकाला जाता है । ग्राम प्रधान कैसे बनते हैं ये पोस्ट पर जाएँ ।


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      (2) - ग्राम पंचायत सदस्य -  किसी सम्पूर्ण ग्राम पंचायत को कई वार्ड में बांटा जाता है, बो ग्राम पंचायत के वोटर पर निर्भर करता है । अगर किसी ग्राम पंचायत में 5000 वोटर निवास करते हैं तो वहाँ पर 15 वार्ड भी हो सकते हैं । अगर किसी ग्राम पंचायत में 500 वोटर ही हैं तो वहाँ 3 से भी कम वार्ड होते हैं । प्रत्येक वार्ड से एक एक सदस्य चुनकर आता है । अगर एक ग्राम पंचायत में 15 सदस्य हैं तो उनमें से 8 सदस्य चाहें तो ग्राम प्रधान के खिलाफ होकर चुनाव दोबारा करवा सकते हैं । लेकिन ऐसा होता नहीं है । बीच में अगर कुछ दिन के बाद ग्राम का प्रधान की मृत्यु हो जाती है तो वही 15 सदस्य में से किसी एक को प्रधान का पद बाकी के सदस्यो द्वारा दे दिया जाता है । जो कुछ समय के लिए ही होता है ।

UP पंचायत चुनाव में लाखों की कमाई होती है ।  जानिये कैसे ?
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      (3) - बी. डी. सी. - (B.D.C.- ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल) ये सदस्य भी ग्राम सदस्य ग्राम पंचायत के हिस्से से ही होता है । बी. डी. सी. (B.D.C.- ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल)  सदस्य अपने ब्लॉक का एक प्रमुख चुनते हैं जो प्रत्येक ग्राम पंचायत से चुनकर पंचायत चुनाव से आते हैं ।  या मान लो किसी ब्लाक को 100 ग्राम पंचायत वार्ड में बांटा गया है। सभी बार्ड के जीते हुए बी. डी. सी. (B.D.C.- ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल) प्रत्यासी मिलकर एक ब्लाक प्रमुख चुनते हैं । ब्लॉक को भी 3 क्षेत्रीय भागों में बांटा जाता है ।

    (4)- जिला पंचायत सदस्य - जो क्षेत्र पंचायत जिला पंचायत सदस्य कहे जाते हैं । ये सदस्य मिलकर जिले का एक मुखिया चुनते हैं । एक जिला पंचायत सदस्य की कीमत 50 लाख से अधिक है । आप भी अपना भाग्य पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़कर आजमा सकते हैं । अगर जीत गये लाखों की लॉटरी लग जाएगी । वैसे भी हिंदुस्तान में चुनाव समाज की सेवा के लिए नहीं लॉटरी के लिए जीते जाते हैं ।

     ये बात हमने इसलिए समझाई है जो जरुरी थी । क्योंकि जिन सज्जन को इस बात की जानकारी नहीं है बो बी. डी. सी. (B.D.C.- ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल) सदस्य का मतलब नहीं समझते हैं। अब आपको बताते हैं बो बात जिससे लाखों के घोटाले किये जाते हैं । जनता के मानसिक विकास आर्थिक विकास को पनपने नहीं दे रहे हैं । इतना पैसा लुटाया जाता है जिसके बारे में सोचकर यही लगता है भारत में पैसे की कमी नहीं है बस घोटाले होना बंद हो जाएं ।


     जो ब्लाक प्रमुख का चुनाव लड़ता है वह ग्राम पंचायत से जीते हुए बी. डी. सी. सदस्य को खरीदता है । खरीदता भी उसीसे है जो बी. डी. सी. (B.D.C.- ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल) का चुनाव जीता है अपने आपको बेच देता है । समझने की बात यह है एक ब्लाक को अगर 100 ग्राम पंचायत वार्ड में बांटा गया है तो वहां से 100 बी. डी. सी. (B.D.C.- ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल) सदस्य अपने- अपने वार्ड से चुनाव जीते हैं। ब्लाक प्रमुख चुनाव के एक ही नहीं 3 या चार उम्मीदवार भी होते हैं। जो बी. डी. सी. के उम्मीदवार खरीदते हैं । खरीदने में जो उम्मीदवार जीत के लिए जितनी जरुरत उतने सदस्य खरीद लेता है वही ब्लाक का प्रमुख बनता है ।


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     बी. डी. सी. (B.D.C.- ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल) सदस्य खरीदने के लिए कुछ को 3 लाख रूपये देने होते हैं । कुछ को 4 लाख देने होते हैं, कुछ को 5,6 और हो सकता है एक आध सदस्य 10 लाख में खरीदना पड़े अगर जीत के लिए एक सदस्य ही कम है । जिन सदस्य ने अपना वोट ब्लाक प्रमुख के उस उम्मीदवार को दिया है जो हार गया है पैसे बो बी. डी. सी. (B.D.C.- ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल) भी लेता है । उसे पैसे से मतलब है जनता के विकास, ग्राम के विकास से और आपकी हार जीत से मतलब नहीं होता है।


       जो ब्लाक प्रमुख का चुनाव जीतकर आया है उसने 2 करोड़ रुपये के लगभग खर्चा किया है । वह आपके ब्लाक में क्या विकास करेगा । वह सिर्फ पाँच वर्ष में अपना खर्चा ही निकालेगा । तो मित्रो मेरा अनुरोध है आपसे आप भी बी. डी. सी. का चुनाव जीतकर ब्लाक प्रमुख का चुनाव लड़ लें । अगर आपके पास पैसा नहीं है तो अपनी खेती बाड़ी बेचकर लड़ सकते हैं । अगर चुनाव जीत गये तो 10 गुना ज्यादा खरीद लेंगे ।


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