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Friday, April 30, 2021

SDM एक जिला स्तर का न्यायाधीश होता है। फर्जी काम करवाने वाले दौलत से घर भर देते हैं।

 SDM बनने के लिए कड़ी मेहनत करनी होती है अगर सफलता मिल गयी तो आपका जीवन सुधर जायेगा।


SDM कौन होता है?

   S.D.M.(Sub Divisional Magistrate) , (उप प्रभागीय न्यायाधीश) बनने के लिए UPSC , IAS,  सिविल सेवा परीक्षा (State PCS exam) ,की तैयारियां करनी पडती हैं । हर किसी को एक बार में सफलता हासिल भी नहीं होती है । बड़ी मुश्किल से हो पाती है ये की तैयारी । एक गरीब का बेटा कर भी नहीं पाता है । अखवार वाले न्यूज़ चैनल वाले कितना भी दिखाएँ एक मजदूर का बेटा एस. डी. एम.  S.D.M.बनकर देश की सेवा कर रहा है । मुझे ये बिल्कुल भी संभव नहीं लगता है।

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   इसलिए नहीं लगता है पढ़ाई की नींव ही अच्छी पढ़ाई से रखी जाती है । हमारे देश की पढ़ाई का तो आपको पता ही है कैसी है पढ़ाई । जो जानेमाने स्कूल में पढ़ते हैं बो पाकिस्तान की दलाली करने लगते हैं । जिन स्कूल के बारे में कम जानकारी है वहाँ हर किसी के बच्चे पहुँच नहीं पाते हैं । मुझे ये संभव लगता भी है एक गरीब का बेटा एस. डी. एम. S.D.M.(Sub Divisional Magistrate) , (उप प्रभागीय न्यायाधीश) बन गया है । कुछ क्षण के लिए मान भी लेते हैं पर मीडिया जिस हिसाब से उसकी गरीबी दिखाता है बो गरीबी नहीं होती है । असली गरीबी को दिखाने के लिए न्यूज़ चैनल और नेताओं के पास समय कहाँ है ।

    एक बात और स्पष्ट पहले ही कर दूँ सभी SDM भ्रष्टाचार में लिप्त नहीं होते हैं। दाल में नमक जितना कर भी लेता है तो उसे भ्रष्टाचारी नहीं कह सकते हैं। यह स्पष्ट करना इसलिए जरुरी है कि सरकारी अधिकारी के खिलाफ इस तरह पोस्ट लिखना मेरी सेहत के लिए ठीक नहीं है। कभी कोई गलती में पकडे गए तो धो धो कर कूटे जायेंगे।


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    आप अगर एस. डी. एम. S.D.M. (उप प्रभागीय न्यायाधीश) हैं तो आपका रोब और रुतवा भी रहेगा । आप किसी सरकारी दफ्तर के आसपास से गुजर जाओगे तो छोटे मोटे अधिकारीयों में दहशत का माहौल हो जायेगा । कितना अच्छा महसूस होता है लोग जब आपके रुतवे का सम्मान करते हैं । तो कुछ ऐसा जरूर करना चाहिए जिससे आपका सम्मान हो ।


    असली गरीबी की झलक तो आपने अपने आस पास जरूर देखी होगी जिनके पास अपने बच्चों को पढ़ाने तो क्या इलाज तक के पैसे नहीं हैं । अगर पैसे हैं भी तो उनके पास इतना समय और साधन नहीं हैं जो पढ़ने जा सकें । अगर बच्चे पढ़ने चले भी जाते हैं तो शाम तक सब्जी और खाने के पैसे कहाँ से आएंगे । घर के सभी लोग एशिक्षित होने की वजह से अच्छा सोचने का समय नहीं ले पाते हैं । घर के सभी सदस्य पूरे दिन मेहनत करने के बाद थकान आदि से भर जाते  हैं पढ़ने लिखने की तरफ ध्यान कब जायेगा। शारीरिक थकान, मानसिक थकान और संगत की वजह से नशे की लत भी लग जाती है । फिर कैसे संभव हो सकता है गरीब घर का बेटा एस. डी. एम. S.D.M.(Sub Divisional Magistrate) , (उप प्रभागीय न्यायाधीश) बन जायेगा ।

SDM बनने के लिए कौन सी पढ़ाई जरुरी है?

     एस. डी. एम. S.D.M.(Sub Divisional Magistrate) , (उप प्रभागीय न्यायाधीश) बनने के लिए पूरे परिवार में कमसे कम आधे लोगों का पढ़ा लिखा होना जरुरी होता है भले ही गरीब हों । साथ में पढ़ने वाले बच्चे के लिए पढ़ने का समय होना चाहिए । घर के अन्य काम काज में हाँथ बाँटता भी है लेकिन जिम्मेदारी नहीं सौम्पनी चाहिए । कई अखवार की ख़बरों में पढ़ तो लेता हूँ खेतों पर मजदूरी करने के बाद भी कर ली UPSC , IAS सिविल सेवा परीक्षा (State PCS exam) की तैयारी । हम कुछ समय के लिए इस बात को मान भी लेते हैं। पर इस बात पर यकीन करना पड़ेगा लगातार मेहनत करने वाला पढ़ाई नहीं कर सकता है । गाँव से जुडा हुआ हर पढ़ने वाले क्षात्र ने खेतों पर काम किया है मजदूरी भी की है पर लगातार नहीं हफ्ते पंद्रह दिन में एक आध बार । और न्यूज़ चैनल उसे एक बड़ी स्टोरी में ढाल कर दिखाते हैं जो सच नहीं है ।

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      किसी अधिकारी पद के लिए छोटे किसान मजदूर के बच्चे नहीं जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक ठाक लोगों के बच्चे ही अधिकारी बन पाते हैं । लाखों काल्पनिक कहानियाँ मिल जाती हैं बो सायद इसलिए कि एक गरीब के बेटे का मनोबल न टूटे उसमें किसी काम का उत्साह बना रहे । खैर जैसा भी है आप अगर एस. डी. एम. S.D.M.(Sub Divisional Magistrate) , (उप प्रभागीय न्यायाधीश) नहीं बन पाये तो कोसिस ये करो आपके बच्चे ही बन जाएँ । एस. डी. एम. बनने के बाद छोटी मोटी रिश्वत नहीं लाखों में गिनती होती है । ईमानदारी तो नामात्र की बची है । अब आपको ये भी बताएँगे रिश्वत का सिलसिला कैसे शुरू होता है ।


    एस. डी. एम. S.D.M.(Sub Divisional Magistrate) , (उप प्रभागीय न्यायाधीश) बनने के बाद शुरुआत के दिनों में आपके अंदर एक ईमानदार अधिकारी रहता है। कुछ दिनों बाद लालच शुरू होता है और फिर सिलसिला लगातार हो जाता है । आपको रिस्वत देने वाले कोई गरीब मजदूर नहीं होंगे सब ज्यादातर व्यापारी और नेता होंगे। जहाँ नेता का नाम जुडा है वहाँ अवैध काम जुडा होना निश्चित ही है । कोई कितना भी यकीन के साथ कहे हम यकीन नहीं करेंगे ।


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       व्यापारी भी कोई हल्का फुल्का व्यापारी नहीं होगा जिसके दो वैध काम के साथ चार अवैध काम होंगे । जब अवैध काम का रिस्ता है तो आप एस. डी. एम. S.D.M.(Sub Divisional Magistrate) , (उप प्रभागीय न्यायाधीश)  हैं फिर तो जिस क्षेत्र में नौकरी करते हैं वहाँ के अवैध कार्यकर्ताओं के बारे में जानकारी भी होगी। आप अधिकारी हैं आपकी जरा सी हलचल से अवैध काम करने वालों के हाँथ पाँव फूल जाते हैं । जब उनके हाँथ पाँव फूले हैं फिर तो दस दस लाख की रिश्वत चलती है । यकीन न हो तो ये खबर आप तक जरूर पहुंची होगी।

S.D.M.(Sub Divisional Magistrate) , (उप प्रभागीय न्यायाधीश)
S.D.M.(Sub Divisional Magistrate) , (उप प्रभागीय न्यायाधीश)


    खबर को पढ़कर समझ लेना चाहिए दस लाख की रिश्वत देने वाले को मुनाफा कितना बड़ा हुआ होगा इतना पैसा देने से ।


     तो मित्रो आपको एस. डी. एम बनने की तैयारियां कर्जा लेकर सिविल सेवा परीक्षा (State PCS exam) जैसे भी कर लेनी चाहिए मन लगाकर । सायद आपका नसीब काम कर जाए।

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