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Monday, April 5, 2021

बद्युत विभाग उत्तर प्रदेश ।( विद्युत विभाग electricity department )

         उत्तर प्रदेश विद्युत विभाग सबसे भ्रस्ट विभाग है। अगर विधुत विभाग के चरित्र पर में ही उंगली उठा रहा हूँ कहीं गलत तो नहीं।   

 

विद्युत विभाग electricity department
 विद्युत विभाग electricity department


       आपने एक नहीं हजारों लोगों के मुख से सुना होगा हमने ( विद्युत विभाग electricity department ) से बिजली कनेक्शन लिया उसका पता नहीं क्या लेखा जोखा था । जिस दिन कनेक्शन के लिए एप्लीकेशन भरा उसके दो माह बाद मीटर लगने आया । मीटर लगाने वाला केबल खूंटी पर टांग कर चला गया । केबल खूंटी पर ही टंगी रही बिल आना शुरू हो गया । कमसे कम चार महीने बाद केबल का कनेक्शन बिजली के खम्भे से किया गया बिल चार माह पहले से आ रहा है । ये तो कनेक्शन की पहली कहानी है । और इस तरह के कारनामे हमारे ग्रामीण क्षेत्रों के बिजली उपभोक्ताओं के साथ होते हैं ।

 

        दूसरी कहानी तो बड़ी ही विचित्र है जिसने अपना कनेक्शन ( विद्युत विभाग electricity department ) से करवाया पांच साल हो गये आज तक केबिल खम्बे पर भी नहीं लगी और पचास हजार से ज्यादा बिल आ गया । हालांकि आधुनिक युग में कोई ही ऐसा हो जिसे विजली की जरुरत ना हो तो कह भी नहीं सकते उसने बिजली का प्रयोग नहीं किया हो । एक सच्चाई ये भी है जिस गाँव में 200 परिवार रहते हैं वहाँ पर कमसे कम 10 घर तो ऐसे होते ही हैं जिनको बिजली की न तो आवश्यकता है न ही प्रयोग करते हैं। बो लोग भी ऐसे वैसे नहीं हैं उनके घर न तो टीवी है न पंखा न मोबाइल न ही बल्ब । 

   त्तर प्रदेश विद्युत् विभाग सबसे मस्त और ध्वस्त विभाग ।

    उनके पास ये सब इसलिए नहीं है कि बो इनका प्रयोग नहीं करते उनकी आर्थिक स्थिती की वजह से भी ऐसा है । उनका कनेक्शन बहका कर दिया गया और केबिल खूंटी पर बिल आना चालू । उनकी आर्थिक स्थिति ठीक भी है सब कुछ सम्पन्न हैं लेकिन उनके बच्चे अब गाँव नहीं रहते हैं । सिर्फ बुजुर्ग रहते हैं और बुजुर्गों ने अंधेरा देखा है उनको टीवी पंखे मोबाइल का शौक भी नहीं है तो इसीलिए बिजली का प्रयोग नहीं करते हैं । उनका बिजली कनेक्शन धोखे से ( कनेक्शन करने वाले को अपनी गिनती पूरी करनी है ) बिल्कुल सरल तरीका बता कर कनेक्शन कर दिया जाता है । बिजली प्रयोग नहीं होती है उनका बिल एक महीने का 600 रुपये के लगभग आता है । किस हिसाब से आता है मालूम नहीं ।

 

बद्युत विभाग उत्तर प्रदेश ।( विद्युत विभाग electricity department )
बद्युत विभाग उत्तर प्रदेश ।( विद्युत विभाग electricity department )

       तीसरी कहानी ये है ( विद्युत विभाग electricity department ) से कनेक्शन होने के बाद ग्रामीण क्षेत्र में अधिकतम तो ऐसा होता है कनेक्शन होने के बाद कोई बिल आदि के लिए नहीं आता है । आता है तो सीधा-सीधा नोटिस आता है जिसमें कमसे कम बीस हजार का अमाउंट होता है । जिसके नाम आता है उसकी आर्थिक स्थिती अगर सही नहीं है तो वह बिल भरने का डर लेकर अपनी कमाई का साधन या तो भैंस बेंचता है या गहने आदि गिरवी रखता है । जिसको बिल लेना है उसे इस बात की कोई परवाह नहीं है। बो परवाह करता भी नहीं क्योंकि मामला लेने का है देने का नहीं । ये हाल आज का भी नहीं है सायद कोई कहने लगे कि योगी जी के शासन में हो रहा है । ये सब अखिलेश जी के साशन में था ये सब मुलायम सिंह जी के शासन में भी था और मायावती जी के शासन में था।

 

       विद्युत विभाग electricity department से बिजली कनेक्शन से लेकर बिल जमा करने तक बीच के कमाई भी करते हैं । इस बात का भी एक छोटा सा उदाहरण देते हैं । मेरी पोस्ट को शहर में जीवन यापन करने वाले भी पढ़ते हैं गाँव में रहने वाले भी पढ़ते हैं । जो शहर में रहता है उसे लग रहा होगा कि में झूठ लिख रहा हूँ क्योंकि शहर में सबकुछ बिजली के मामले में ठीक है । गाँव से जुड़े हुए लोगों को यह पोस्ट अवश्य अच्छी लगेगी क्योंकि ग्रामीण विजली विभाग की ये एक खूबसूरत खूबी है । मुझे लगता है उत्तर प्रदेश के हर गाँव की यह समस्या है । बिजली विभाग के अधिकारी ऑफिस से 1 लाख से भी अधिक रुपये का नोटिस भेजते हैं । जिसके नाम बिल आया है उसका यह बिल कमसे कम 15 वर्ष बाद आया है । 

        उपभोक्ता और बिजली विभाग के बीच ये लवलेटर का सिलसिला दो या तीन साल में एक बार होता है । जब उपभोक्ता को लगता है अब यार ज्यादा रूपये हो गये लाओ बिल भर दूँ । वह इंतजाम करके बिजली बिल पर छूट के समय जमा करने जाता है । जब उसका बिल जमा होता है तो 1 लाख की जगह 40 हजार के लगभग जमा होकर निपटा दिया जाता है । उपभोक्ता और बिजली विभाग के बीच फिर कमसे कम 5 वर्ष तक कोई लेटर का आदान प्रदान नहीं होता है । तब होता है जब उसका पुनः 20 हजार के लगभग बिजली का बिल हो जाता है । फिर वही कमसे कम 8 या 10 हजार छूट के साथ जमा होता है यही क्रम बन जाता है । यार जब इतनी छूट का अहसान ही करते हो उपभोक्ता पर तो समय से हर माह जमा किया करो ।

 

बद्युत विभाग उत्तर प्रदेश ।( विद्युत विभाग electricity department )
बद्युत विभाग उत्तर प्रदेश ।( विद्युत विभाग electricity department )

      गाँव में( विद्युत विभाग electricity department ) से बिजली के मीटर लगा दिए गये हैं जिससे जितनी बिजली खर्चा हो उतना ही बिल आये । पर गाँव के बिजली के बिल में मीटर का कोई महत्व ही नहीं है । बो सिर्फ दिखाने के लिए लगे हैं । बिजली के बिल की पर्ची निकालने वाला तब आता है जब उपभोक्ता का बिल 8 या 10 हजार हो चुका होता है । उसके पहले किसी को पता ही नहीं होता है । न उपभोक्ता को पता है में बिजली प्रयोग करता हूँ । न बिजली विभाग को पता है मेरा भी कोई यूजर है । अब गाँव का आदमी इतना पैसा अपने पास कभी रखता नहीं है जो सुनते ही दौड़ा चला जाये और बिजली का बिल भर दे। उसने अपने पास कुछ पैसे बचा के रखे हैं जिसमें से जिसने खेत के लिए खाद बीज दिया है उसका देना है । 

        जिसने खेत पर हल चलाया है उसके देना है । जिसने खेत में पानी लगाया है उसका देना है । और फिर उसके कुछ निजी खर्चे भी हैं बेचारे के । और यह बिजली विभाग वाले उपभोक्ता को लवलेटर ऐसे भेज देते हैं जैसे मेरी महबूबा ख़त पढ़ते ही नंगे पाँव दौड़ी चली आएगी । और गाँव के लोग बिजली विभाग से भी मस्त हैं थोड़ा बिल और बढ़ने का इंतजार करते हैं । गाँव के लोग बिजली का कनेक्शन कटने से बिल्कुल नहीं डरते हैं। उन्हें पता है अगर काट भी दोगे तो मेरा खाना पीना बन्द नहीं होगा । और बड़ी सी छत है आंगन है बिना चबूतरा है खेत है बिना पंखे के खुले में सो सकते हैं ।

 

     ग्रामीण क्षेत्र का ( विद्युत विभाग electricity department ) से ये हाल तो सबसे बेढंग है जिसके घर सिर्फ एक बल्ब जलता है उसका बिल भी महीने का पांच सौ, जिसके घर टीवी फ्रीज चलते हैं उसका बिल चार सौ । आज तक समझ नहीं आ रहा है बिल आ रहा है या बसूली की जा रही है । खैर ( विद्युत विभाग electricity department ) विद्युत विभाग भाँग के नशे में है बना रहे हमें तो व्यंग के माध्यम से अपनी बात कहते हैं । आप भी पढ़कर मजे लो ।

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