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Monday, February 22, 2021

Pm Avas Yojna के अपात्र से पैसा वसूली की जा रही है पूरे मजे अधिकारी ले गए।

 PM आवास योजना घोटाला में रिश्वत अधिकारी खा गए और रिकवर गरीब से किया जा रहा है।

      हमने अपने पिछली पोस्ट में प्रधानमंत्री आवास में कमाने की विधि के बारे में बताया था । जिसमें हमने बताया था कि आप आवास बनवा कर लाखों कमा सकते हैं । आप यदि वह पोस्ट पूरी पढ़ना चाहते तो इस लिंक पर क्लिक करें ।

PM AVAS YOJNA Shahri


     प्रधानमंत्री श्री मोदी जी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री आदित्य नाथ जी । इन दोनों चेहरों का एक नारा है भ्रष्टाचार से मुक्ति । पर हम जो ठहरे भारतीय अधिकारियो की सलाह से भ्रष्टाचार का कोई न कोई रास्ता खोज ही लेते हैं । ऐसा ही भ्रष्टाचार प्रधानमंत्री आवास में हुआ । जो पात्र था जिसके नाम आवास आया था उससे लगभग 40 हजार रूपये लिए गये । और जिसके नाम आवास नहीं था उससे पचास हजार से अधिक लिए गये क्योंकि उसे किसी और का आवास दिया गया है । ये सब डिटेल के साथ उसी पोस्ट में है जिसका लिंक हमने दिया है ।


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       40 हजार रुपये में कुछ हिस्सा प्रधान का हो गया कुछ ग्राम पंचायत अधिकारी का हो गया कुछ उसके ऊपर भी हो गया ।  ये कोई भी भ्रष्टाचार नहीं था । भ्रष्टाचारी तो अधिकारीयों ने उन्हें बना दिया जिनको पचास हजार देकर आवास प्राप्त हुआ था । रिकवरी भी उसी से की जाएगी । 


Pm avas yojna के अपात्र लाभार्थी से गलत बसूली।

    एक सवाल है और मेरा ही नहीं सभी का होना चाहिए। जो अधिकारी लोग किसी का भी काम रिश्वत लेकर करवा देते हैं। रिश्वत देकर अधिकतम वही काम किया जाता है जो फर्जी तरीके से किया जाता है।


   जब फर्जी काम का खुलासा होता है तो जिस अपात्र को pm avas yojna का लाभ मिला है उससे रिकवरी की जाती है।


    कोर्ट या सरकार कोई ऐसा आदेश या कानून क्यों नहीं देती है कि जिसने जितनी रिश्वत ली है वह उससे बसूल की जाएगी। और जो बाकी बचा हुआ है वह अपात्र लाभार्थी से बसूल किया जाना चाहिए लेकिन यह सब नहीं है।


अधिकारी जुगाड़ करके रिश्वत लेकर काम तो करवा देते हैं जिसमें लाभार्थी के साथ झोल हो जाता है।

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          माना कि किसी को pm avas yojna का लाभ मिलना था जिसकी लाभ राशि 1 लाख है। एक लाख रूपये का लाभ लेने के लिए अपात्र लाभार्थी ने 30 हजार रूपये रिश्वत ग्राम विकास अधिकारी आदि को दें दी। अब उसका बचा मात्र 70 हजार। तो कोर्ट को 70 हजार ही बसूलना चाहिए बाकी ग्राम विकास अधिकारी आदि से लेकिन नहीं है ऐसा। अपात्र लाभार्थी से 1 लाख ही बसूल किया जायेगा जिससे उसका 30 हजार का नुकसान हो जाता है।


  PM Avas Yojna की रिकवरी वाली एक असली कहानी।

        यह घटना ग्राम रामपुर पंचायत बोडेपुर ब्लॉक अछल्दा जिला औरैया की है और एकदम सच है। में एक जनसेवा केंद्र संचालक हूँ तो हर तरह के लोग तो नहीं पर ज्यादातर तरह के लोग तो आते ही हैं । एक गरीब बुजुर्ग मेरे पास एक नोटिस की फोटो कॉपी करवाने आये दोपहर में काफी दूर चलकर  । तो हमने उनसे पूंछा चाचा ये किस चीज की जबरदस्ती दबाब बनाकर वसूली की जा रही है आपसे । तो वह बोले कुछ नहीं बेटा जैसे जी रहे थे वैसे ही ठीक थे ये । तो हमने उनसे पूरी जानकारी लेने की कोसिस की तो उन्होंने बताया । 


      प्रधान ने हमसे कहा कि आपने हमें वोट दिया है तो आपको कालोनी देदूंगा तो कितने रुपये दोगे । तो हमने लालच में आकर हाँ कह दी तो प्रधान ने आधा आधा करने को कह दिया । तो में राजी हो गया । मेरे दस्तावेज लेने के कुछ दिन बाद मेरी पहली किस्त आयी तो हमसे प्रधान ने 30 हजर रूपये ले लिए । 

     कुछ दिन बाद मेरी Pm Avas Yojna ki दूसरी किस्त आयी और जिसमें भी प्रधान ने हमसे पैसे मांगे लेकिन हमने नहीं दिए । मुझे मालूम भी नहीं था मेरा नाम आवास कालोनी की पात्रता सूसी में है भी या नहीं । हम रूपये इसलिए देता रहा लालच था मुझे मेरा काम हो रहा है । प्रधान मेरा कम इसलिए करता रहा उसकी कमाई हो रही है ।

      कुछ दिन बाद Pm Avas Yojna रिकवरी का नोटिस आया तो प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी बल्कुल सेफ बचे हैं हमसे एक लाख बीस हजार का जुर्माना लिया जा रहा है । ये बात जब हमने तहसील में अधिकारिओं के सामने कही तो अधिकारियो का कहना था अगर प्रधान ने आपसे तीस हजार लिए हैं तो वह यहाँ पर कहें आकर ।

    आपको क्या लगता है कोर्ट में बैठे लोगों की यह भाषा सही है। अगर किसी ने अपराध किया है उसकी सूचना देने वाले से ही यह कहा जाये कि आप जाओ अपराधी से जाकर कहो कि वह कोर्ट में आकर अपना अपराध कबूल करे। Pm Avas Yojna ही नहीं भारत की हर योजना में दलाल कमाई करते हैं। जिसका कारण है आपस में सब मिले हुए हैं।


      तहसील कोर्ट में मौजूद लोगों की वजह से ही सायद भ्रष्टाचारी बचे हुए हैं। क्योंकि मुझे लगता है वह अपने तरीके से भ्रष्टाचार कर रहे हैं और ग्राम विकास अधिकारी अपने तरह से ग्राम प्रधान अपने तरह से। और आपको पता होना चाहिए कि चोर चोर मोसेरे भाई कौन किस पर बोलेगा। ठीक वही हाल Pm Avas Yojna के अपात्र लाभार्थी के साथ हो रहा है। ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी ने अपात्र को Pm Avas Yojna का लाभ रिश्वत लेकर दिया है। जब रिकवरी की नौबत है तो पूरी बसूली अपात्र लाभार्थी से क्यों की जा रही है। जितनी रिश्वत लगी है उतनी छोड़कर होनी चाहिए। जिसने रिश्वत ली है बाकी का पैसा उनसे लो।

     ये 50 हजार रुपये रिश्वत का खेल करना बिल्कुल सरल है जिसके नाम आवास नहीं है उसे तत्काल दिलवा दो । और जो दे देता है बो भी सोचता है यार ऐसा कोई बिजनेस नहीं है जो पचास हजार लगाकर कम समय में दोगुना कर देता है । चाचा बोले हमसे कुछ उपाय है जिससे हम बच जाएं । हमने हँसते हुए कहा कैसे बचोगे आपके पास दस हजार का इंतजाम है नहीं । जो बच चुके हैं उन्होंने लाखों कमा लिए जब रिस्वत खाने वाले नोटिस जारी कर रहे हैं बचना असंभव है । तो बोले अपने पूँछा क्यों । हमने कहा बस यूँ ही जानकारी ले रहा था । तो बोले जानकारी क्यों? तो हमने कहा ये सोच रहा हूँ प्रधानी का चुनाव लड़ूं या ग्राम पंचायत अधिकारी बनूँ जिससे में भी अमीर हो जाऊँ ।  


      सोचने वाली बात है योगी जी के प्रदेश में भ्रष्टाचार से मुक्ति कैसे मिलेगी जिसके द्वारा हुआ वह एकदम सेफ है । जिसको फसाया गया वह गरीब है मिलीभगत से पूरा दबाव उसी असहाय गरीब पर बनाया जायेगा । जिसने तीस हजार रूपये लिए हैं बो बहुत बड़ा बेईमान नहीं है। बो अपने आप कटघरे में जाकर कहेगा हाँ मैंने लिये हैं । उसके लिए कारवाही इसलिए भी नहीं हो रही है तीस हजार में हिस्सा ग्राम पंचायत अधिकारी ने भी लिया है । कारवाही ग्राम पंचायत अधिकारी भी नहीं कर सकता है । ये तो वही बात हो गयी चोर चोर मोसेरे भाई । ये किस्सा सिर्फ उसी व्यक्ति का नहीं है जिससे बसूली की जा रही है । जहाँ जहाँ बसूली की जा रही है सब जगह यही हाल है ।

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  घोसणा- में सरकारी कर्मचारी एतद द्वारा घोसणा करता हूँ, ये रिश्वत खोरी का धंधा हमेशा करता रहूँगा चाहे कोई भी सरकार क्यों न आ जाये। सरकार सिर्फ पांच साल के लिए आती है और में कई साल नौकरी करूँगा। सरकार ने ज्याद ज्ञान पेलने की कोसिस की तो धरने पर बैठ कर सरकार को बदनाम करके सरकार गiरवा दूंगा । धन्यवाद। 

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