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Wednesday, February 3, 2021

Swaksh Bharat के नाम से ग्रामीण क्षेत्र के शौचालय में ग्राम प्रधानों ने सबसे घटिया सामिग्री का का प्रयोग किया। swaksh bharat , स्वच्छ भारत

   सरकार ने दिया एक शौचालय के लिए 12000 घोटालेबाज उसमें से आधा खा गए। कुछ शौचालय एक वर्ष में ही धारासाही हो गए। कुछ खंडहर में बदल गए।


        Swaksh Bharat योजना एक बहुत ही अच्छी पहल थी और है। अपने आस पास साफ सफाई रखना जो खुशहाल जिंदगी के लिए बहुत ही जरुरी है। शहरों में जो लोग झोपडी झुग्गी आदि में रहते हैं उन्हें सौच करने के लिए कहीं जगह नहीं होती है। जहाँ रहते हैं वही किसी नाले के किनारे सौच इत्यादि करते हैं। वह लोग वहां रहते जरूर हैं उनकी जिंदगी किसी नरक से कम नहीं होती है।


       गांव में सौच जाने की समस्या कम होती है। कुछ गांव भी ऐसे होते हैं जहाँ लोगों को सौच जाने के लिए सडक किनारे ही जाना पड़ता है। जिन गांव में पानी भरा रहता है खेत भी खाली नहीं होते हैं तो लोग सडक पर ही सौच कर देते हैं।


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      यह सब गन्दगी दूर करने के लिए ही Swaksh Bharat योजना  2 अक्टूबर 2014 को सुरु की गयी। और 2 अक्टूबर 2019 महात्मा गाँधी की 150वीं वर्षगांठ तक 1.96 लाख रुपये की लागत से 1.2 करोड़ शौचालय का निर्माण करके भारत के लोगों को खुले में सौच जाने से मुक्ति दिलाने का लक्ष्य रखा।


       पर भारत जैसे देश में जहाँ भरस्टाचार चरम पर हो यह सब कैसे संभव हो सकता है। सरकार की रिपोर्ट में 2020 तक हर घर तक शौचालय मिल चुका है। पर सरकार यह भूल गयी 2021 के अंत तक बहुत अधिक शौचालय टूट चुके हैं। शौचालय इसलिए नहीं टूट चुके हैं कि उनको तोड़ दिया गया है बल्कि इसलिए टूट चुके हैं कि सरकार ने 1 शौचालय के लिए 12000 रुपये की लागत दी थी पर ग्राम प्रधान आदि ने 6000 रुपये ही शौचालय में लगाए। शौचालय का मटेरियल इतना सड़ा हुआ प्रयोग किया गया कि शौचालय 2 वर्ष के लगभग ही ठीक ठाक चल पाया।

    लोग खुले में सौच न करें  Swaksh Bharat अभियान का सबसे बड़ा यही लक्ष्य था। एक शौचालय के लिए मिलने वाली धनराशि में 2 शौचालय का निर्माण करवाया गया। आप ही सोचिये एक शौचालय का बजट 12000 रूपये था। 12 हजार रूपये में भी शौचालय का निर्माण सम्भव नहीं है। लेकिन उसी 12 हजार रूपये में ग्राम प्रधान ने 2 शौचालय का निर्माण करवाया। आखिर कितनी मजबूती दी होंगी एक शौचालय में। सबसे घटिया सामिग्री से निर्माण किया गया शौचालय कुछ दिन में ही ख़तम होना है। उसके बाद फिर वही गन्दगी।


       शौचालय निर्माण में हुआ घोटाला यह सिर्फ हमारे यहाँ ही नहीं जहा आप रहते हैं वहां भी हुआ होगा। अगर आपकी ग्राम पंचायत में नहीं हुआ है तो आपके बगल वाली ग्राम पंचायत में घोटाला हुआ होगा। आगे यह भी जानिए शौचालय निर्माण में घोटाला कैसे हुआ?

अब जानते हैं स्वच्छ भारत योजना में घोटाला कैसे किया गया?

     देश के वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द मोदी ने एक योजना बनाई स्वच्छ भारत मिशन ( Swachh Bharat Mission yojna )। जिसका सबसे बड़ा लक्ष्य हर घर में गाँव से लेकर शहर तक शौचालय हो । पर कितना भी बेहतरीन लक्ष्य क्यों न हो हम भारतीय लोगों को कमाने का मौका तो मिल ही जाता है । अब बताता हूँ आपको कमाई कैसे करनी है । स्वच्छ भारत मिशन ( Swachh Bharat Mission yojna )

स्वच्छ भारत मिशन योजना ( सरकारी योजना घोटाला )


       सबसे पहली बात आप अगर आम नागरिक हैं तो आप स्वच्छ भारत मिशन ( Swachh Bharat Mission yojna ) में कमाई नहीं कर सकते हैं । आप अगर कोई ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी और आदि आदि हैं तो आप अपनी सरकारी तनख्वाह के आलावा भी कमा सकते हैं । जिसके लिए आपको निम्नलिखित पेंतरे अपनाने होंगे । 

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     पहला तो आपकी ग्राम पंचायत में कितनी फैमली रहती हैं और उनमें से ऐसे कितने लोग हैं जो शौचालय के लिए पात्र हैं । उसकी सूची तैयार करके सरकारी खजाने तक पहुँचानी है । फिर वहां से एक फैमिली के शौचालय के लिए बारह हजार रुपये की लागत दी जाती है । वह लागत उसे नहीं देनी है आप खुद अपने पास रखें । आपकी ग्राम पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन ( Swachh Bharat Mission yojna ) के तहत जितने शौचालय बनने हैं एक साथ सभी सामान ले लेना है और हो सके जितनी सस्ती क्वालिटी का मटेरियल हो उतनी अच्छी बचत हो जाएगी । एक शौचालय की जो लागत है बो इस प्रकार है। 

ईंट - 750, कीमत- 2500

सीमेंट- 3 बोरी से थोड़ी कम या ज्यादा- कीमत- 1000

एक लोहे की चादर का गेट, कीमत -300

तीन पत्थर की पटिया, कीमत - 1000

एक मिस्त्री जो काम करेगा, कीमत - एक दिन के 600 । एक दिन में कमसे कम तीन शौचालय बना देगा ।

एक किलो चूना रंगाई के लिए, कीमत -20 रूपए

पांच बोरी मोरम, कीमत -300

    टोटल सभी खर्चा 5720 रूपए होगा। ये तो हमने मोटा मोटा लगाया है हो सकता है इससे भी कम हो । अगर कम नहीं है तो में 7 हजार मान लेता हूँ । इस हिसाब से सरकार 12 हजार दे रही है आपकी बचत 5 हजार के लगभग है । आपकी ग्राम पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन ( Swachh Bharat Mission yojna ) के तहत जितने शौचालय बनने हैं । हम 100 ही मान लेते हैं, 5 हजार के हिसाब से 5 लाख हो गये । यार इतनी कमाई कहाँ की कम है । 

    अब हम इस स्वच्छ भारत मिशन ( Swachh Bharat Mission yojna ) के तहत कमाई के हिस्से भी करने के तरीके बताते हैं । जिन जिन लोगों के माध्यम से शौचालय का पैसा आप तक पहुंचा है उन सबको 5 लाख में देना है । अब आपको देना कितना है ये आपकी डील पर निर्भर है ।


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